एक दशक से खस्ताहाल सड़क पर आवागमन करने मजबूर ग्रामीण

देवरी बिछिया से गोड़ा सड़क का मामला

By: balmeek pandey

Published: 10 Apr 2019, 12:22 PM IST

कटनी/ढीमरखेड़ा. तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम देवरी बिछिया शिमला से गोंडा खस्ताहाल सड़क के कारण ग्रामीणों आवागमन दुश्वार हो गया है। ग्रामीणों की समस्या को लेकर पत्रिका द्वारा 'बोर्ड लगा कर भूल गए अफसर, दलदल में तब्दील', 'सड़क पर ग्रामीणों ने लगाया रोपाÓ, 'सड़क निर्माण कराना भूले अधिकारी, 'मार्ग पर उड़ रहे धूल के गुब्बार, वाहन चालक परेशान' नामक शीर्षक से लगातार समस्या उजागर की। बावजूद ग्रामीणों को खस्ताहाल सड़क की समस्या से निजात नहीं मिल रही है। ग्रामीणों ने जानकारी में बताया कि तकरीबन एक दशक से सड़क खस्ताहाल है। 10 अगस्त 2016 को सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के द्वारा सड़क निर्माण का बोर्ड लगवा दिया गया था, विधानसभा चुनाव के पूर्व सड़क निर्माण का भूमि पूजन भी किया गया था, लेकिन आज तक सड़क निर्माण न होने से हल्की सी बारिश होने में जहां एक और सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है, तो वही सूखे दिनों में धूल के गुब्बार के कारण वाहन चालको का सड़क पर आवागमन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने रखी मांग
खस्ताहाल सड़क में वाहनों में टूट-फूट के साथ कपड़े खराब होते हैं और वाहनों में समय और धन भी अधिक लगता है। सरपंच शिव सहाय माझी, जय करण पटेल, राजा हल्दकार, अशोक पटेल, यश दुबे, जितेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र सिंह सोलंकी, योगेंद्र पाठक, संजय दत्त दुबे, रमेश पांडे, देवेंद्र मिश्रा, राहुल दुबे, अंकित दुबे, अनिल बागरी, संतोष सेन, रोहित दुबे, सोहन सिंह, निरंजन खटीक, अरविंद तिवारी आदि ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

चुनाव बहिष्कार की जानकारी मिलने पर हरकत में आये अधिकारी
ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दादर सिहुंड़ी के बाशिंदों के द्वारा ग्राम में पानी की समस्या को लेकर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार करने की ऐलान कर दिया था। ग्रामीणों की समस्या को पत्रिका द्वारा 25 मार्च को '65 लाख मिलने के बाद भी ग्रामीणों को नहीं मिल रहा पानी', 28 मार्च को 'ज्ञापन सौंपा पेयजल समस्या का समाधान', 7 अप्रैल को 'मतदान बहिष्कार करने की दी चेतावनी' की खबरें प्रमुखता के साथ प्रकाशित की। मामला उजागर होने के बाद पीएचई विभाग के एसडीओ एसके नाग और इंजीनियर बीपी चक्रवर्ती के द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम पहुंचकर ग्राम में स्थित कुएं और हैंडपंप का जायजा लिया और ग्रामीणों से पानी की समस्या निराकरण के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों के द्वारा ग्रामीणों को चुनाव बहिष्कार न करने के संबंध में बताया गया। गांव में पानी की व्यवस्था बनाने के संबंध में आश्वासन दिया। ग्रामीणों के द्वारा अधिकारियों से नवीन नल जल योजना का कार्य चालू कराने के प्रश्न पर अधिकारियों के द्वारा आचार संहिता के कारण जिला कलेक्टर डॉ. पंकज जैन से अनुमति के बाद नवीन नल जल योजना का कार्य प्रारंभ करवाने का आश्वासन दिया गया।


इनका कहना है
देवरी बिछिया से गुना मार्ग हेवी ट्रेफिक के लिए प्रस्तावित है। संभाग स्तर से प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है।
रत्नाकर चतुर्वेदी, महाप्रबंधक, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना।

balmeek pandey Reporting
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