महामारी से बचने अंधविश्वास का ले रहे ग्रामीण सहारा, हर एक घर से जुटाया पांच-पांच रुपया चंदा, खरीद रहे हरी चूड़ी, महावर

-महिलाएं बोलीं घर की दीवाल पर गोबर और महावर का पंजा बनाने से पास नहीं आएगा कोरोना वायरस, पहन रहीं हरी चूडिय़ां

-पत्रिका की अपील-अंधविश्वास के चक्कर में कोई भी न पड़े। प्रशासन व डॉक्टरों द्वारा जो सलाह दी जा रही उसका पालन करें। घर से न निकले। तभी हम सब मिलकर इस भयानक संक्रमण से लड़ाई लड़ पाएंगे।

 

 

कटनी. कोरोना वायरस की महामारी से बचने के लिए एक तरफ जहां शासन, प्रशासन, डॉक्टरों की टीम लोगों से दूर रहने, हाथ न मिलाने, सैनिटाइजर, मास्क का इस्तेमाल करने और घर पर ही रहने की सलाह दी जा रही है, वहीं जनपद पंचायत विजयराघगढ़ के पडख़ुरी गांव में इस महामारी से निपटने लोग अंधविश्वास का सहारा ले रहे हैं। ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले कई मोहल्ले के लोगों ने पहले घर-घर जाकर पांच-पांच रुपये चंदा एकत्र किया। उससे चूड़ी और महावर खरीदा। महिलाओं ने रही चूड़ी पहनीं और महावर को लगाया। इसके साथ ही घर के बाहर दरवाजे के आजू-बाजू में गोबर व महावर का लेप बनाकर पंजा बनाया। गांव के लगभग 40 से अधिक घरों में इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। ग्रामीणों की मान्यता है कि इससे महामारी का उन पर कोई प्रकोप नहीं पड़ेगा। गांव की महिला ने बताया हरी चूड़ी पहनने से परिवार सुरक्षित रहेगा।

-महामारी से बचने के लिए एक गोबर का और एक महावर का हत्था लगाया है। इससे महामारी आगे नहीं बढ़ेगी। परिवार के लोग भी सुरक्षित रहेंगे। कई घरों में इस तरह की प्रकिया अपनाई गई।
शांतिबाई चौधरी, पडख़ुरी

-कई गांव में अफवाह उड़ी थी कि ऐसा करने से महामारी के प्रकोप का असर नहीं पड़ेगा। इसलिए हर एक घर से पांच-पांच रुपया मांगा गया। चूड़ी व महावर खरीदकर देवी मंदिर में चढ़ाया। फिर जो चूड़ी व महावर बच गया उसे पहना लिया। घर की दीवाल पर गोबर व लेप का पंजा बनाया।
सपना दाहिया, निवासी पडख़ुरी।

dharmendra pandey Reporting
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