पांच घंटे में सैंपलिंग, रिपोर्ट कहां मिलेगी यह भी नहीं बताते

कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच जांच और रिपोर्ट मिलने से लेकर इलाज में सामने आई जिला अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 15 Sep 2020, 11:02 AM IST

कटनी. कोरोना संक्रमण में अचानक बढ़ोतरी के साथ ही इलाज और सैंपलिंग में जिला अस्पताल के प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। यहां सोमवार दोपहर सैंपलिंग देकर बाहर आ रहे रोशन नगर निवासी एक युवक ने बताया कि वे सुबह नौ बजे आए थे दो बजे कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग हुई। रैपिड एंटीजन टेस्ट लैब से बाहर आते अन्य मरीजों की भी यही परेशानी रही।

मरीज व उनके परिजनों ने बताया कि कोरोना जांच में सैंपलिंग देना ही बड़ी चुनौती बन गई है। जिन मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं उन्हे यह भी नहीं बताया जाता है कि उनकी रिपोर्ट की जानकारी कैसे मिलेगी। कोरोना सैंपलिंग और रिपोर्ट के अलावा अस्पताल में इलाज के दौरान फैली अव्यवस्था ने भी मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है।

इस बीच सोमवार को आइसीएमआर जबलपुर से 144 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई। इसमें 59 पॉजिटिव मिले। रैपिड रिस्पांस टीम के डॉ. समीर सिंघई ने बताया कि सोमवार को 6 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे और अब तक स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 520 पहुंच गई।

कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी के साथ ही कंटेनमेंट जोन में भी इजाफा हो रहा है। सोमवार तक जिलेभर में एक्टिव कंटेनमेंट जोन की संख्या 144 रही। अब तक 265 कंटेनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं।

Corona virus
raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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