संजय टाइगर रिजर्व जाएगा कटनी का बाघ, रेस्क्यू आज

सरसवाही में बाघ पर नजर बनाए रखने 6 फरवरी को दिनभर तैनात रहा कटनी का वन अमला.

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम बाघ के मूवमेंट वाले स्थान के लिए रवाना, दोपहर से शुरु हो सकता ऑपरेशन शिफ्टिंग.

By: raghavendra chaturvedi

Updated: 07 Mar 2020, 08:50 AM IST

कटनी. शहर से कुछ दूरी पर स्थित सरसवाही में आबादी में समीप विचरण कर रहे बाघ को संजय टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा। बाघ की शिफ्टिंग का रेस्क्यू ऑपरेशन शनिवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और संजय टाइगर रिजर्व के संयुक्त दल द्वारा चलाया जाएगा। टीम के सदस्य शनिवार सुबह कटनी पहुंचेगे।

इससे पहले रेस्क्यू में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दो हाथी अष्टम और रामा को बांधवगढ़ से कटनी के लिए शुक्रवार को ही रवाना कर दिया गया है। दोनों हाथी महावत नीलम और ददुआ के साथ शुक्रवार रात झिरिया नर्सरी पर विश्राम के बाद शनिवार को बाघ के लोकेशन वाले स्थान पर पहुंचेंगे। बाघ की शिफ्टिंग का ऑपरेशन हाथियों के पहुंचने के बाद ही प्रारंभ होगा। इससे पहले बाघ का लोकेशन स्पष्ट करने के लिए शुक्रवार को पूरे दिन कटनी का अमला सरसवाही और आसपास डटा रहा। कटनी वन विभाग के कर्मचारी बाघ पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।


बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर विसेंट रहीम ने बताया कि कटनी के बाघ का शिफ्टिंग रेस्क्यू शनिवार को चलेगा। ऑपरेशन सफल होने के बाद बाघ को संजय टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा। वहीं डीएफओ आरके राय बताते हैं कि सरसवाही में आबादी के समीप विचरण कर रहा यह वही बाघ है जो विजयराघवगढ़ के गांव में पूर्व में दिख रहा था। इसकी उम्र लगभग ढाई से तीन साल है।

अष्टम और रामा हाथी की होगी महत्वपूर्ण भूमिका
बाघ के रेस्क्यू के दौरान उसे घेरने में हाथियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। वन्यप्राणी चिकित्सक हाथी के सहारे ही बाघ को टैक्यूलाइज (बेहोश) करते हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में उत्पाती बाघों को अंकुश में लाने में अष्टम और रामा अहं भूमिका का निर्वहन करते रहे हैं। इनके इन्ही अनुभव को देखते हुए कटनी के रेस्क्यू ऑपरेशन में लाया जा रहा है। दोनों हाथी इससे पहले सीधी जिले में जंगली हाथियों को आबादी से दूर करने के ऑपरेशन में भी शामिल रहे हैं।

डॉॅ. सेंगर तैयार करेंगे बाघ को बेहोश करने का डोज
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाघ के शरीर को देखकर उम्र का अंदाजा लगाना और शारीरिक क्षमता के आधार पर बेहोशी का डोज तैयार करने में विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके लिए संजय टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉॅ. अभय सेंगर कटनी के रेस्क्यू टीम में शामिल रहेंगे। उन्ही के मार्गदर्शन में डोज तैयार कर बाघ को बेहोश किया जाएगा।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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