एससी-एसटी एक्ट में कोर्ट ने आरोपी को सुनाई आजीवन कारावास

कटनी से भगाकर वृंंदावन के आश्रम में नाबालिग से किया था बलात्कार

कटनी। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की अदालत ने नाबालिग से बलात्कार और एससी, एसटी एक्ट के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। साथ ही 13 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।

ये है मामला

विशेष लोक अभियोजक जेपी चौधरी ने बताया कि 1 दिसंबर 2017 को माधवनगर थाना के निवार चौकी अंतर्गत एक नाबालिग घर से शौच के लिए निकली थी लेकिन वह नहीं लौटी। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। दूसरे दिन माधवनगर थाना पहुंचकर परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत दर्ज कराने के बाद पीडि़ता की मां ने आरोपी युवक रंजीत को फोन लगाया तो उसने वृंदावन आश्रम में होने की जानकारी दी। सूचना मिलने पर माधवनगर पुलिस वृंदावन आश्रम पहुंची। आरोपी युवक और किशोरी को कटनी लेकर आई।

शादी का झांसा देकर बाद में धमकाया

यहां पर नाबालिग ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे शादी करने का झांसा दिया। मना करने पर बदनाम करने की धमकी दी, जिससे वह डर गई। इधर, मौके का फायदा उठाते हुए आरोपी ने बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। दोनों कटनी से भागकर वृंदावन आश्रम पहुंच गए। वहां पर आरोपी ने नाबालिग को बहन बताकर रखा। संदिग्ध गतिविधियां लगने पर आश्रम के लोगों ने रंजीत की पिटाई की तो उसने बताया कि भगा कर लाया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया और मामला कोर्ट पहुंचा। साक्ष्य के आधार पर अदालत ने आरोपी रंजीत पटेल उर्फ करिया को धारा 366 के तहत 5 साल की सजा और 2000 रुपये जुर्माना, धारा 376(2),(आई) के तहत 10 साल की सजा, 3000 रुपये जुर्माना, धारा 376(2)(एन) के आरोप में 10 साल की सजा, 3000 जुर्माना और धारा 3(2)(5) एससी, एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा और 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।

Show More
sudhir shrivas Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned