इधर सडक़ों और पेड़ों पर जमी सफेद चादर से नजर आता है शिमला जैसा माहौल

कटनी के विजयराघवगढ़, कैमोर, बरही व आसपास नियमों को ताक पर रखकर हो रहा क्रेसर का संचालन

By: narendra shrivastava

Published: 12 Jan 2021, 06:14 PM IST

कटनी। जिले में संचालित ज्यादातर क्रेसर पर्यावरण मानकों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं। ताजा मामला विजयराघवगढ़-कैमोर व बरही क्षेत्र में सामने आया है। यहां क्रेसरों से उड़ रही धूल से परेशान ग्रामीणों ने बीमारी की चपेट में आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग से कार्रवाई की मांग की है। देवसरी और मेहगांव के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव के आसपास संचालित क्रेसर न तो नियमानुसार पानी का छिडक़ाव कर रहे हैं और न ही पर्यावरण के लिहाज से जरूरी प्लांटेशन किया है। जिसका सीधा नुकसान आसपास के रहवासियों को स्वास्थ्य में हो रहा है। कई ग्रामीण असमय बीमार पड़ रहे हैं।

घर से बाहर निकलना हो जाता है मुश्किल
ग्रामीणों ने बताया कि उनका घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। के्रसर धूल के कारण न सिर्फ दुर्घटना का भय बना रहता है बल्कि लोगों को प्रदूषण का भी सामना करना पड़ रहा है। क्रेसर संचालकों की मनमानी से ग्रामीण परेशान हैं। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा कार्रवाई में खानापूर्ति किए जाने से भी समस्या का हल नहीं निकल रहा है।

इनका कहना है
क्रेसर संचालकों द्वारा मानकों को ताक पर रखकर संचालन की शिकायत मिली है। इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
आलोक जैन, आरओ पीसीबी कटनी

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narendra shrivastava Desk
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