ये हैं समाज के मिसाल, रुपये नहीं सुरक्षा है इनके लिए अहम, देखें वीडियो

सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं: किसी ने लगाया बेरीकेटिंग तो कोई सेनेटाइज कर रहा रुपये, पर्व में खरीददारी पर ग्राहक और दुकान दोनों दिखा रहे समझदारी, हर किसी को समझनी होगी जिम्मेदारी तभी होगा महामारी से बचाव

By: balmeek pandey

Published: 13 Nov 2020, 08:40 AM IST

कटनी. सुभाष चौक से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग किनारे जेनेरिक दवा कारोबारी इस महामारी के दौर में लोगों की सुरक्षा के लिए शुरुआती दौर से ही दवा का विक्रय करते आ रहे हैं, लेकिन अपनों व ग्राहकों के स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ नहीं कर रहे। कोविड-19 महामारी के दौर में ये शहर के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है। पर्व की इस आपाधापी में जहां अधिकांश कारोबारी रुपयों के लालच में जान को आफत में डाल रहे हैं तो वहीं कारोबारी हर्षित गुप्ता खास एहतियात बरत रहे हैं। इन्हें लाभ से ज्यादा लोगों के जीवन और खुद की सुरक्षा ज्यादा महत्वपूर्ण है। इनके द्वारा दुकान के सामने जालिया लगाकर बेरीकेट कर दी गई है, ताकि कोई भी ग्राहक सीधे अंदर प्रवेश न करे। इसके इलावा वे जो भी ग्राहक आता है उसे मास्क लगाने के लिए प्रकरत करते हैं और सेनेटाइज भी। उन्हें बीमारी की भयावहता बताते हैं और कहना है कि जबतक वैक्सीन नहीं तबतक मास्क, सेनेटाइज, सामाजिक दूरी ही एक मात्र बचाव है। शहर में हर्षित गुप्ता की तरह कई ऐसे कारोबारी हैं तो समाज के लिए मिसाल हैं और समाज, शहर के लिए महती भूमिका निभा रहे हैं।

सेनेटाइज में डालते हैं रुपये
अहिंसा तिराहा में स्टेशनरी आदि के कारोबारी प्रतीक जैन भी समाज के लिए एक नजीर हैं। पूरी दुकान को पॉलीथिन से कवर्ड करके रखे हुए हैं। इस दौरान जो भी ग्राहक दुकान में आता है तो पहले उसे मास्क लगाने कहते हैं। उनके हाथों को सेनेटाइज कराते हैं। उन्हें सामग्री उपलब्ध कराते हैं, इसके बाद जब ग्राहक द्वारा रुपये दिए जाते हैं तो उन्हें सेनेटाइजर वाले डिब्बे में डालते हैं। सबसे ज्यादा यह प्रयोग सिक्कों में करते हैं, क्योंकि पेपर से संक्रमण का कम खतरा रहता है। इसी तरह स्टेशन रोड में कपड़ा कारोबारी मगन जैन द्वारा भी रुपये सेनेटाइज किए जाते हैं, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।

सुरक्षा का ध्यान रख रहे व्यापारी और खरीदार
कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच पांच दिवसीय दीपोत्सव का आज से शुरू हो गया जाएगा। ऐसे में हर किसी को सतक और सावधान रहने की जरूरत है। मुश्किल भरे दौर में कई व्यापारी ऐसे भी हैं जो सरकारी गाइडलाइन का पूरा पालन कर रहे हैं और स्वयं के साथ लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रख रहे है। साथ ही कई लोग मास्क और दो गज दूरी बनाए रखे हुए हैं। हालांकि कई जगहों पर आज भी लापरवाही जारी है। शहर के कई कारोबारी ऐसे हैं जो महामारी के बीच खुद के साथ ग्राहकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कहीं पर पूरी तरह पारदर्शी कांच से दुकान बंद कर दिया है तो कहींं पर पॉलीथिन लाई गई है।

खास-खास:
- मोहन टॉकीज रोड में कारोबारी व समाजसेवी पप्पू दीक्षित एजेंसी में सुरक्षा उपायों के साथ लगातार दूसरों को मास्क लगाने कर रहे हैं प्रेरित।
- सुभाष-कपड़ा बाजार पर किराना कारोबारी मनोज जैन ग्राहकों से नहीं करते सीधे लेनदेन, डंके में लेते हैं रुपये, हाथों में पहने रहते हैं दस्ताने।
- बस स्टैंड में हाडवेयर कारोबारी सुमित गुप्ता नोटिस बोर्ड लगाए हुए हैं कि मास्क नहीं तो सामान नहीं, सामाजिक दूरी भी है जरुरी
- मुख्य मार्ग में गिफ्ट सेंटर कारोबारी संजय गुप्ता सबसे पहले कराते हैं लोगों को सेनेटाइज, फिर दिखाते हैं सामान।

सुरक्षित जीवन के लिए गाइड लाइन का पालन जरुरी
सराफा बाजार में सराफा कारोबारी संजय सोनी ज्वैलरी ब्रिकी व खरीदारी के दौरान नियमों का पालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि शहर ने कोरोना का काफी प्रकोप झेला है। कई दिन बिना व्यापार के गुजारे हैं, त्योहार के सीजन में खरीदारी बढ़ी है। ऐसे में पूरी सुरक्षा और सावधानी बरतना जरूरी है। ग्राहकों के आते ही उन्हें सेनेटाइजर दिया जाता है साथ ही ज्वैलरी को भी सेनेटाइज किया जा रहा है। बिना मास्क के दुकान में किसी को भी प्रवेश नहीं दे रहे है। बरही रोड निवासी विष्णु सोनी भी कहते हैं कि अभी भी कोरोना का डर तो है। लेकिन दीपोत्सव का त्योहार भी मनाना है। ऐसे में सभी गाइडलाइन का पालन करते हुए ही खरीदारी-विकवाली कर रहे हैं। इस समय खुद की सुरक्षा ही परिवार की सुरक्षा है।

balmeek pandey Reporting
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