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223 विद्यार्थियों के लिए मात्र दो कमरे, आम के पेड़ के नीचे पढऩे विवश विद्यार्थी

locationकटनीPublished: Dec 19, 2023 09:26:56 pm

Submitted by:

balmeek pandey

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुड़सा में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर आई सामने, इंतजामों की खुली पोल

223 विद्यार्थियों के लिए मात्र दो कमरे, आम के पेड़ के नीचे पढऩे विवश विद्यार्थी
223 विद्यार्थियों के लिए मात्र दो कमरे, आम के पेड़ के नीचे पढऩे विवश विद्यार्थी

कटनी. शिक्षा व्यवस्था को सुधारने, बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए उत्कृष्ट विद्यालय, मॉडल स्कूल, पीएम श्री आदि खोले जा रहे हैं। करोड़ों रुपए योजनाओं के नाम पर खर्च किए जा रहे हैं। शासन-प्रशासन द्वारा बेहतर व्यवस्था के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच जिले के कई स्कूलों की ऐसी बानगी सामने आती हैं जो व्यवस्था की पोल खोलकर रख दे रहीं है। ऐसी ही तस्वीर सामने आईं हैं बड़वारा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भुड़सा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की। यहां के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल में बैठने के लिए कमरे तक नहीं हैं। हकीकत यह है कि कक्षा 11वीं और 12वीं के बच्चे भीषण ठंड के बीचे खुले आसमान में जमीन पर बैठकर व एक पेड़ के नीचे शिक्षा ग्रहण करने को विवश हैं। प्रशासनिक बेपरवाही व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का खामियाजा देश का भविष्य भुगत रहे हैं।
बड़वारा संकुल अंतर्गत ग्राम भुड़सा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन रत छात्र-छात्राओं को आम के पेड़ों के नीचे पढ़ाई करने की विवशता बनी हुई है। कक्षा नवमी से बारहवीं तक दर्ज संख्या 223 है, जिसमें 102 छात्र एवं 121 छात्राएं अध्ययन कर रही हैं। विद्यालय में चार नियमित शिक्षक हैं, पांच अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे हैं। विद्यालय में मात्र दो कमरे हैं, जिसमे छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं, लेकिन कक्षा ग्यारहवीं एवम बारहवीं के बहुत से छात्र-छात्राएं विद्यालय में जगह व अधिक कमरे न होने के कारण खुले आसमान के नीचे व पेड़ के नीचे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

बारिश व गर्मी में होती है समस्या
विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने बताया कि बरसात के मौसम में कक्षाएं संचालित नही हो पातीं, क्योंकि विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष नही हैं। विद्यालय में बाउंड्री वाल नहीं है जिसके चलते प्रांगण में आवारा श्वान, मवेशी आ जाते हैं, जिससे हादसे का भय बना रहता है। विद्यालय के सामने जहां छात्र-छात्राएं पेड़ के नीचे बैठकर अध्ययन करते हैं उसी के समीप से रोड है, जिसमें वाहनों के निकलने से अत्यधिक शोर होता है जिसकी वजह से अध्यापन कार्य मे व्यवधान होता है।

अन्य सुविधाओं का भी अभाव
विज्ञान संकाय में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए प्रयोग शाला कक्ष भी नहीं है, जिससे उन्हें प्रायोगिक कार्य करने में भी बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय में दूर-दराज से अध्ययन करने बच्चे आते हैं, लेकिन साईकल स्टैंड तक की सुविधा नहीं है। बच्चों के अभिभावकों ने बड़वारा विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायक धीरेंद्र सिंह एवं कलेक्टर अवि प्रसाद से स्कूल में अतिरिक्त कक्ष एवं बाउंड्रीवाल बनवाने जाने मांग रखी है।

वर्जन
2018 में हॉयरसेकंडरी स्कूल बना है, तभी से समस्या है। 223 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कमरे न होने के कारण खुले में पेड़ के नीचे कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं। विभाग को कई बार पत्राचार किया है, लेकिन भवन आजतक नहीं बना। समस्याओं के बीच विद्यार्थियों को अध्ययन करना पड़ रहा है।
देवेंद्र जायसवाल, प्राचार्य, शाउमा विद्यालय भुड़सा।

वर्जन
यह बात सही है शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुड़सा में कमरों की कमी है, जिसके चलते छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में असुविधा हो रही है। हमने प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। जैसे ही ऊपर से स्वीकृति प्राप्त होगी, विद्यालय में कमरों के निर्माण के साथ ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
पृथ्वी पाल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।

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