तीन साल से इलाज के इंतजार में 28 गांव के लोग, जानिए क्या है वजह

ग्रामीणों को उपचार के लिए उठानी पड़ रही समस्या

By: balmeek pandey

Published: 21 Jan 2018, 09:51 AM IST

कटनी. शहर से लगभग ५० किलोमीटर व स्वास्थ्य केंद्र से लगभग २० किलोमीटर दूर के गांव में यदि अचानक कोई बीमार होता है तो उसे उपचार केंद्र तक लाने में एक से दो घंटे या इससे अधिक का समय लग जाता है। इस परिस्थिति में समय पर प्राथमिक उपचार न मिलने से मरीज की जान तक चली जाती है। इस समस्या से निबटने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश द्वारा पूरे प्रदेश में २००० उप स्वास्थ्य केंद्र बनाने का निर्णय २०१५ में लिया गया। जिसमें कटनी जिला भी शामिल है। २०१६ में स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति मिली है। जिले में इस योजना के तहत २८ उप स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने हैं। तीन साल से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन एक भी भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। टेंडर के फेर में उप स्वास्थ्य कें्रद योजना उलझकर रह गई है। २८ भवनों की स्वीकृति में अबतक मात्र ७ के सिर्फ टेंडर की प्रक्रिया हुई है, जबकि २१ को अभी भी टेंडर की दरकार है। जिले में केंद्र निर्माण के देरी की मुख्य वजह समय पर गांवों में जमीन का न मिलना है। अब जमीन की तलाश पूरी होने के बाद भी निर्माण को पंख नहीं लगे। इस परिस्थिति में ग्रामीणों को समय, धन खर्च कर जरा सी बीमारी के लिए उपचार कराने शहर भागना पड़ रहा है।

इन २८ गांव में बनने हैं स्वास्थ्य केंद्र
जिले के २८ गांवों में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र बनने हैं। कटनी-कन्हवारा सेक्टर के ग्राम कछगवां, कटंगीकला, चाका व खरखरी, बहोरीबंद ब्लॉक के ग्राम अमरगढ़, पटना, मोहतरा, जुलावल, कूड़ा, भखरवारा, छपरा, सलैया पयासी में बनने हैं। इसी प्रकार रीठी के गुरजीकला, रैपुरा, गोदाना, हथकुरी, विजयराघवगढ़ के परसवारा, बम्हौरी, रजरवारा, कुंदरेही, बड़ारी, डीघी, ढीमरखेड़ा ब्लॉक के धरवारा, पडऱभटा, कोठी, बड़वारा के मझगवां, खिरहनी, निपनिया व बिचपुरा में उप स्वास्थ्य केंद्र बनने हैं।

मात्र ७ में ही हुए हैं टेंडर
ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए परेशान न होना पड़े इस मंशा को लेकर गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की परिकल्पना की गई है। लेकिन विभाग की लेटलतीफी ग्रामीणों के मंशा पर पानी फर रही है। लगभग तीन साल बीतने के बाद भी अबतक निर्माण को पंख नहीं लग पाए। २८ केंद्रों में से अबतक मात्र ७ के ही टेंडर हुए हैं। बहोरीबंद के पटना, रीठी के हथकुरी व गोदाना, विगढ़ के कुंदरेही, बड़ारी, डीघी व ढीमरखेड़ा ब्लॉक के ग्राम पडऱभटा में केंद्र निर्माण के लिए टेंडर हो पाए हैं।

योजना को लेकर खास-खास
- २१ जून २०१६ को स्वीकृत हो चुके हैं जिले में उप स्वास्थ्य केंद्र।
- सितंबर माह में भेजी गई थी ७ स्थानों के आक्षांश-देशांत की जानकारी।
- २०१५ के बाद से दिसंबर माह में पूरा हुआ है जमीन तलाशने का काम।
- २४ लाख से नॉन डिलेवरी और ३० लाख से बनेंगे डिलेवरी प्वाइंट।
- जमीन नहीं मिल पाने के कारण अभी तक अटकी थी टेंडर प्रक्रिया।

इनका कहना है
भोपाल से ही हो रही प्रक्रिया
२८ उप स्वास्थ्य केंद्रों में से २१ के टेंडर क्यों नहीं हुए हैं यह बता पाना मुश्किल है। ७ स्थानों पर भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। विभाग के माध्यम से सिर्फ जमीन आवंटन की जानकारी भेजना था, जो भेजी जा चुकी है। निर्माण प्रक्रिया भोपाल मुख्यालय से हो रही है।
डॉ. अवधिया, सीएमएचओ।

balmeek pandey Reporting
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