2016 में उमरियापान उपमंडी बनाने हुई घोषणा, दो साल बाद भी अफसर नहीं करा पाए शिफ्ट, ये बन रही वजह

2016 में उमरियापान उपमंडी बनाने हुई घोषणा, दो साल बाद भी अफसर नहीं करा पाए शिफ्ट, ये बन रही वजह

Balmeek Pandey | Publish: Sep, 10 2018 12:42:15 PM (IST) | Updated: Sep, 10 2018 12:46:09 PM (IST) Katni, Madhya Pradesh, India

उमरियापान-ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के किसानों को सिहोरा में बेचनी पड़ रही उपज, समय के साथ लग रहा अधिक भाड़ा

कटनी. कृषि को लाभ का धंधा बनाने खूब कागजी घोड़े दौड़ रहे हैं, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि तीन साल पहले जिले के हजारों किसानों की समस्या को समाप्त करने के लिए शासन ने उमरियापान में उपमंडी स्थापित करने घोषणा कर दी थी। कुछ माह बाद स्थानांतरण की कार्रवाई भी हो गई थी, लेकिन दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी मंडी के अधिकारी उमरियापान में उपमंडी को स्थापित नहीं करा पाए हैं। जानकारी के अनुसार 2016 में शासन से आदेश हुआ था कि कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र व उमरियापान के जो किसान सिहोरा मंडी में उपज बेचते हैं, उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उपज खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। 2017 के प्रथम माह में उपमंडी स्थापित करने की कार्रवाई भी हुई, लेकिन अबतक उसे पूरा नहीं किया जा सका। लिहाजा क्षेत्र के हजारों किसानों को 20 किलोमीटर से अधिक का सफर व भाड़ा लगाकर सिहोरा जाकर उपज बेचनी पड़ रही है।

सिर्फ समर्थन मूल्य में हुई खरीदी
क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि यहां पर सिर्फ समर्थन मूल्य पर केंद्र बनाए गए हैं। कुछ किसान ऐसे भी होते हैं जो समर्थन मूल्य में पूरी उपज नहीं बेचते। उसे रबी की बोनी के लिए लगने वाली लागत के लिए या फिर किसी आपात समय के लिए रखते हैं। ऐसे में ऐसे किसान स्थानीय स्तर पर मंडी में उपज नहीं बेच पा रहे हैं। इके साथ ही उड़द, मूंग, अरहर, सरसों, सिंघाड़ा, महुआ, गुली, तिली, मसूरी, अलसी, आदि उपज होती है। इन उपजों को बेचने के लिए किसानों को सिहोरा बेचने जाना पड़ रहा है।

इस कारण फंसा पेंच
बताया जा रहा है कि उपमंडी को उमरियापान में शिफ्ट करने के लिए दो बार पत्राचार हो चुका है, लेकिन अबतक उसे शिफ्ट नहीं किया गया। अस्थि दायित्व का बंटवारा न होने के कारण विलंब हो रहा है। उपमंडी न होने से क्षेत्र के व्यापारी भी परेशान होते हैं। उन्हें भी सिहोरा या कटनी आकर उपज बेचनी पड़ती है।

इनका कहना है
उमरियापान में उपमंडी स्थापित करने के लिए दो बार सिहोरा मंडी प्रबंधन को पत्राचार किया जा चुका है। अस्थि दायित्व का बंटवारा न होने के कारण विलंब हो रहा है। शीघ्र ही उपमंडी स्थापित करने कार्रवाई की जाएगी।
पीयूष शर्मा, मंडी सचिव, कटनी।

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