बेटियों के सम्मान में कटनी का नवाचार अपनाएंगे प्रदेश के 14 जिले

कटनी में आंगनबाड़ी की महिलाओं ने संभाली सुकन्या समृद्धि खाते खोलने की कमान तो बदल गई तस्वीर, 3 साल में लिंगानुपात में 13 अंको की हुई वृद्धि.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 04 Oct 2021, 11:37 AM IST

राघवेंद्र चतुर्वेदी @ कटनी. बेटियों की समृद्धि के लिए कटनी में हुए नवाचार को अब प्रदेश के 14 जिले अपनाएंगे। दरअसल कटनी में बेटियों को आर्थिक रुप से समृद्ध बनाने के लिए सुकन्या खाते खोलने में आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता और सहायिकाओं की मदद लेने की पहल ने कीर्तिमान स्थापित कर दिया। अमूमन सुकन्या समृद्धि खाता खोलने का काम डाकघर व बैकों का है, लेकिन कटनी में बेटियों को इसका लाभ दिलाने के लिए आंगनबाड़ी की महिलाओं को जोड़ा गया। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने गांव-गांव पता कर फार्म भरवाए और पोस्ट ऑफिस में खाता खोलने के लिए आवेदन जमा किया।

22 फरवरी से 31 मार्च तक 40 दिन में कटनी जिले मेंं 31 हजार 904 सुकन्या समृद्धि के खाते खोले गए। कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर के प्रभाव और भय के माहौल के बीच इतने खाते खोलकर कटनी प्रदेश में टॉप रहा तो डाक विभाग ने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के सम्मान में इस उपब्धि के लिए डाक टिकट तक जारी कर दिया।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह बताते हैं कि रीवा, सतना, सीधी, उमरिया, ग्वालियर, विदिशा, पन्ना, सागर, दमोह, हौशंगाबाद, जबलपुर, रायसेन, उज्जैन व सिंगरौली के अधिकारियों ने संपर्क किया है। हमने बताया कि कैसे सुकन्या समृद्धि खाता खोलने से लेकर लिंगानुपात बढ़ाने में काम किया।

खासबात यह है कि बेटियों के सम्मान के लिए कटनी में होने वाले नवाचारों का असर यहां लिंगानुपात पर भी पड़ा है। तीन साल में लिंगानुपात में 13 अंकों की वृद्धि हुई है। यहां वर्ष 2018-19 में एक हजार पुरुषों में महिलाओं की संख्या 924 थी जो 2019-20 में बढ़कर 931 पहुंची और 2020-21 में यह अनुपात 937 रही। तीन साल में 13 अंकों की वृद्धि को जानकार बेहतर बता रहे हैं।

कटनी में हुए प्रयासों की बात करें तो 18 हजार 832 बालिकाओं का कन्या पूजन, 21 हजार 326 गर्भवती एवं धात्री माताओं का सम्मान, 69 हजार 44 लाडली लक्ष्मी हितग्राही बालिकाओं एवं 28 हजार 137 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही माताओं का सम्मान बीते वर्ष किया गया।

बतादें कि सुकन्या समृद्धि खाते खोलने के लिए ढाई सौ रुपए की आवश्यकता पड़ती है। कटनी में 40 दिन चलाये गए अभियान के दौरान 1856 अभिभावक ऐसे भी मिले जो 250 रुपये जमा कर पाने में सक्षम नहीं थे तो विभाग के कर्मचारियों ने वेतन से राशि एकत्रित कर खाते खुलवाए।

यहां जिलेभर में बेटियों के जन्म पर पूरे परिवार का स्वागत किया जाता है। बेटियों के अभिभावकों का सम्मान किया जाता है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन में लाडली लक्ष्मी योजना की प्रक्रिया पूरी किए जाने सहित अन्य उपाए अपनाकर जागरुक किया जा रहा है।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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