video, पचास साल में स्वाद से नहीं किया समझौता

पत्रिका जायका: बाहर से आए रिश्तेदारों को लहसुन टिकिया खिलाने चौपाटी आते हैं लोग.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 01 Mar 2021, 10:56 AM IST

कटनी. जायके में बात मानसिंह ठाकुर की। 26 जनवरी 1970 से लहसुन टिकिया बनाने वाले ठाकुर ने कभी भी स्वाद से समझौता नहीं किया। लहसुन और आलू के साथ मिर्ची और खटाई का बैलेंस मिश्रण से लहसुन टिकिया में स्वाद का ऐसा तड़का लगता है कि शहर में बाहर से आने वाले रिश्तेदारों को लोग ठाकुर की लहसुन टिकिया खिलाने चौपाटी लेकर जरूर पहुंचते हैं।

डिमांड बढ़ी तो साथ में बेटे सचिन सिंह बघेल को लगा लिया। मानसिंह बताते हैं कि ग्राहकों को टिकिया पत्ता में ही रखकर देते हैं। इन पचास सालों के दौरान इस परंपरा को नहीं बदला। पांच पैसे पत्ता से शुरू हुआ यह काम अब मंहगाई के साथ तीस रूपये पत्ता तक जरूर पहुंच गया।

 

मानसिंह बताते हैं कि दूसरे शहरों से डिमांड भी बहुत आती है, लेकिन बाहर इसलिए नहीं जाते क्योंकि यहां आने वाले न लौटें। उन्होंने बताया कि एक बाद दोस्त के कहने पर जयपुर गए थे तो वहां पचास किलो आलू का टिकिया कुछ घंटों में ही समाप्त हो गया। लोगों ने स्वाद हो तो ऐसा।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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