लाल पहाड़ी पर तहसीलदार ने बनाई 140 पेज की जांच रिपोर्ट

मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर माफिया दमन अभियान के दौरान लाल पहाड़ी पर अतिक्रमण और दस्तावेज में गड़बड़ी का हुआ खुलासा.

कटनी. शहर से कलेक्ट्रेट पहुंच मार्ग पर बेशकीमती लाल पहाड़ी पर अतिक्रमण और कूटरचना कर भू-माफिया द्वारा जमीन हथियाने मामले की जांच तहसीलदार ने पूरी कर ली है। कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में तहसीलदार ने 140 पेज की जांच रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को भेज दी है। हालांकि एसडीएम फिलहाल जांच रिपोर्ट नहीं देखने की बात कह रहे हैं। बतादें कि लाल पहाड़ी राजस्व रिकॉर्ड में 1906-07 के रिकॉर्ड में पहाड़ दर्ज है।

प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री कमलनाथ के आदेश पर प्रदेश भर में चल रहे माफिया दमन अभियान के दौरान लाल पहाड़ी पर मनमाना अतिक्रमण और दस्तावेज में कूटरचना का खुलासा हुआ। इस पर पत्रिका में प्रमुखता से खबरें प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर एसबी सिंह ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार मुनव्वर खान ने 30 जनवरी से पूरे मामले की जांच प्रारंभ की थी। 12 दिन में पूरे मामले की जांच कर उन्होंने 140 पेज की जांच रिपोर्ट एसडीएम बलबीर रमण को दी है।

लाल पहाड़ी पर तहसीलदार द्वारा जांच पूरी करने की जानकारी यहां कब्जा जमाए नेताओं को भी है। गुरुवार को प्रभारी मंत्री के दौरे के समय सर्किट हाउस में मौजूद कुछ कांग्रेसी नेता अधिकारियों से मिलकर इस मामले में अपने पक्ष में माहौल बनाने में लगे रहे।

माफिया दमन अभियान को लेकर अधिकारियों की कार्रवाई पहले ही भू-माफिया तक पहुंच रही है। इस मामले में कलेक्ट्रेट में राजस्व विभाग में सेवाएं दे रहे कुछ बाबू पर संदेह है। बताया जा रहा है बाबू अधिकारी की जांच की समय दर समय जानकारी भू-माफिया को दे रहे हैं।

इस पूरे मामले को लेकर एसडीएम बलबीर रमण का कहना है कि लाल पहाड़ी की जांच तहसीलदार द्वारा पूरी करने की जानकारी मिली है। प्रभारी मंत्री के दौरे के कारण रिपोर्ट नहीं देखी है। रिपोर्ट देखते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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