save tiger: बाघ शावक सुरक्षित है तो यह है उसकी अपनी किस्मत

raghavendra chaturvedi

Publish: Aug, 16 2019 01:18:44 PM (IST)

Katni, Katni, Madhya Pradesh, India

कटनी. जिले के बरही रेंज के पिपरियाकला गांव में बाघ का शावक कुएं में नहीं गिरा, बल्कि इस घटना ने स्थानीय वन अमले की मुस्तैदी को कुएं में गिरा दिया। अफसरों को पहले से पता था कि बाघिन का तीन शावकों के साथ पिपरियाकला के समीपी जंगल में मूवमेंट है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि समय रहते जरुरी सुरक्षा उपाय क्यों नहीं अपनाया गया। मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है और सबको पता है कि यहां बाघ स्वछंद विचरण के लिए टाइगर रिजर्व के आसपास जंगल का रुख करते हैं।

बरही रेंज बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगा है, जहां प्रदेश के सर्वाधिक बाघ हैं। इसके बाद भी अफसरों को मंगलवार की सुबह 6 बजे सूचना के मिलने के बाद शावक को कुएं से निकालने में 9 घंटे का समय लग गया। जबकि तीन साल पहले कटनी में रेस्क्यू टीम बनी थी जो महज नाम की है। यह तो गनीमत थी कि कुएं में पानी नहीं था वरना बड़ा हादसा होता। जाहिर है बाघ शावक सुरक्षित है तो यह उसकी अपनी किस्मत है।

बतादें कि कटनी जिले के बरही-बड़वारा वन परिक्षेत्र के पिपरियाकला गांव के कुएं में 12 अगस्त की देरशाम बाघ का शावक गिर गया। करीब दस माह के बाघ शावक को 20 घंटे बाद 13 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे कुएं से सुरक्षित निकाला जा सका। वन अमले को सुबह 6 बजे ग्रामीणों ने सूचना दी और शावक को रेस्क्यू कर कुएं से निकालने के लिए मुकुंदपुर व्हाइट टागइर सफारी जू से डॉक्टर और विशेषज्ञों की टीम बुलवाई गई।
टीम के सदस्यों ने मंगलवार दोपहर 1 बजे पहुंचकर मोर्चा संभाला।

हैरानी की बात तो यह रही कि सूचना के नौ घंटे बाद वन अमला बाघ शावक को कुएं से बाहर निकाल पाया। कुएं के अंदर शावक को बेहोशी की दवा दी गई और जाली के सहारे कुएं से बाहर निकाला गया। दो घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद शावक को कुएं से सुरक्षित निकाला गया। वाहन के अंदर जाली में रखा गया।

 

Resque tiger cubs: बाघ शावक गिरा कुएं में, देखने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

 

Doctors give antidoses to remove the unconsciousness of tiger cubs inside the lattice
जाली के अंदर बाघ शावक की बेहोशी दूर करने एंटीडोज देते डॉक्टर IMAGE CREDIT: Raghavendra

बेहोशी दूर करने के लिए डॉक्टरों ने एंटीडोज दिया। बाघ शावक को होश आने के बाद वाहन को बरही रेंज ऑफिस के लिए रवाना किया। वहां से मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी ले जाकर इलाज किया जा रहा है। इस दौरान डीएफओ कटनी आरके राय, एसडीओ ओपी सिंह बघेल, डिप्टी रेंजर आरवाय मिश्रा सहित वन विभाग और पुलिस के जवान मौजूद रहे।

ऐसे चला घटनाक्रम
- मंगलवार की सुबह कुएं में शावक का गुर्राहट सुनकर ग्रामीणों ने देखा कि बाघ का बच्चा गिरा है। कोटवार ने वन विभाग को सूचना दी।
- सुबह 6 बजे सूचना देने के 7 घंटे बाद रेस्क्यू टीम कुएं के समीप पहुंची। दो घंटे लगा शावक को कुएं से निकालने में।
- ग्रामीणों को जैसे ही पता चला कुएं में बाघ शावक गिरा है, बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को दूर करने पुलिस की मदद लेनी पड़ी।
- दोपहर में शावक की मां बाघिन जंगल के आसपास ही विचरण करती रही, वह पता लगा रही थी उसका एक बच्चा कहां गया।
- शावक को निकालने के बाद कुएं को कांटेदार झाडिय़ों से घेर दिया गया। गांव के दूसरे कुएं को भी घेरा गया, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।

 

यह है बाघिन का अलहदा अंदाज, आराम की मुद्रा में भी आखें खुली और चौकन्नी

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned