सीएमएचओ के पास पहुंचे पीडि़त के परिजन, बताई समस्या तो बोले- कलेक्टर के पास जाकर करो शिकायत, मेरे पास नहीं पावर

-जिला अस्पताल बना दलाली का अड्डा, रोक लगाने में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार भी बने लापरवाह, इधर मरीजों को फंसाकर दलाल लेकर जा रहे निजी अस्पताल

 

By: dharmendra pandey

Published: 28 Jan 2020, 11:33 AM IST

कटनी. जिला अस्पताल मरीजों को ठगने का अड्डा बना चुका है। यहां पर मौजूद दलाल मरीजों को फंसाकर निजी अस्पताल लेकर जा रहे है और उसने मनमानी वसूली कर रहे है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को भी सामने आया है। दूसरी तरफ अस्पताल में मौजूद दलालों पर रोक लगाने जिले का स्वास्थ्य विभाग का अमला भी लापरवाह बना हुआ है। स्थिति यह है कि शिकायत पर कार्रवाई करने की वजाय पीडि़त मरीजों को कलेक्टर के पास शिकायत करने का मशविरा दे रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक ग्राम केवलारी निवासी महिला पार्वती मोंगरे को 24 जनवरी को प्रसव पीड़ा हुई। डिलेवरी के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां पर भर्ती कराया। 25 जनवरी को ऑपरेशन के लिए ले जाया गया। परिजनों ने बताया कि यहां पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि हालत गंभीर है। इसे रैफर करना पड़ेगा। जो डॉक्टर महिला का इलाज कर रहीं थी उसकी एक दलाल आई। उसने खुद को आशा कार्यकर्ता बताया और कहा कि कटनी में ही इलाज हो जाएगा। उसे दुर्गा अस्पताल लेकर चलो। दलाल महिला के झांसे में आकर मरीज को दुर्गा अस्पताल लेकर गए। 20 हजार रुपये में ऑपरेशन का सौंदा हुआ था। अब ऑपरेशन होने के बाद 60 हजार रुपये की मांग की जा रही है। इधर दलाली के चक्कर में फंसे मरीज के परिजन सोमवार को मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी के पास पहुंचे। यहां पर शिकायत की। तो समस्या सुनने और निदान कराने की जगह सीएमएचओ ने पहले तो पीडि़तों पर नाराजगी जताई। फिर मौजूद मीडिया को देख कहा कि कलेक्टर और सिविल सर्जन के पास जाकर शिकायत करो। कलेक्टर से जांच का निर्देश मिलने पर ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी। मेरे पास पॉवर नही है।

-मरीज के परिजनों ने शिकायत की है। उनकी समस्या को सुना गया है और कलेक्टर के पास शिकायत करने की सलाह दी गई है। जिला अस्पताल में वे-वजह घूमने वाले लोगों पर रोक लगाने के लिए सिविल सर्जन से चर्चा की जाएगी।
डॉ. एसके निगम, सीएमएचओ।

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