ये हैं अनूठे वैद्य: जड़ी-बूटियों से हर रहे सबकी पीड़ा

बिजौरी में २८५ प्रकार के औषधीय पौधा तैयार कर कर रहे पीडि़तों की सेवा

By: balmeek pandey

Published: 11 Dec 2017, 10:27 PM IST

कटनी. एनएच ७८ कटनी-शहडोल मार्ग पर ग्राम मझगवां के किनारे मानव जीवन विकास समिति बिजौरी में रहकर दयाशंकर यादव को जड़ी-बूटी से सेवा भाव का ऐसा महामंत्र मिला कि एक प्रायवेट नौकरी के साथ असहनीय दर्द और रोग मिटाने के लिए तत्पर रहते हैं। आयुर्वेद के माध्यम से कई रोगों का निदान करते हैं। आसपास के ही नहीं बल्कि दूरदराज से पीडि़त उपचार पाकर स्वस्थ हो रहे हैं। वैद्य रोपणी में २८५ प्रकार की जड़ी-बूटी तैयार कर लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने का काम कर हे हैं। मझगवां से महज १ किमी की दूरी पर बीते १५ सालों से दयाशंकर जड़ी-बूटी के माध्यम कई प्रकार के असहनीय दर्द दूर तो करते है हैं साथ महिलाओं तथा बच्चों के तमाम रोगों का इलाज जड़ी-बूटियों से करते हैं। यादव इस पद्धति को अपने कार्य के साथ कायम रखना चाहते हैं।


कार्यशाला ने बनाया वैद्य
वैद्य दयाशंकर का कहना है कि २००० में मानव जीवन विकास समिति में नौकरी पर आने के बाद केंद्रीय रोपणी सरसवाही में एक कार्यशाला में भाग लेने पहुंचे। वहां पर डीईओ जादव से भेंट हुई और उनके माध्यम से परियट-जबलपुर पहुंचे और वैद्य सम्मेलन में शिरकत की। वहीं से जानकारी लगने और जड़ी-बूटी पुस्तकों के अध्ययन के बाद उनको समाज सेवा की भावना जागृत हुई इस सेवा में जुट गए। जड़ी-बूटी ऐसी वनस्पति है जो स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के लिए उपयोगी हैं।


इन प्रजातियों की हैं जड़ी बूटी
रोपणी में वैद्य द्वारा हरजोड़, सतावर, सर्पगंध, काली हल्दी, क्याकंद, सुदर्शन, हर्रा, बहेरा, आंवाल, सर्पगंधर्व, गुड़मार, अड़ूसा, आकमसर, निशोथ, मुलहटठी, वज्रकंद, लेड़ी पीपर, दमनक, रामकंद, निरगुंडी, बच, अंजीर, घृतकुमारी, सफेद मूसली, गरुण, नागदोन, नागबला, अकरकंद, चक्रर्मद सहित २८५ प्रकार की जड़ी-बूटी तैयार कर लोगों को न सिर्फ इनका महत्व बताया जा रहा है बल्कि दवा बनाकर उनकों स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाया जा रहा है।


हड्डी जुडऩे की दे रहे गारंटी
रोपणी में हडज़ोड़ नाम की जड़ीबूटी तैयार करने वाले वैद्य दयाशंकर का दावा है कि इस दवा के सेवन से १०० प्रतिशत हड्डी जुड़ जाती है। दवा के लिए उनके पास जिले सहित सतना, पन्ना, जबलपुर, छतरपुर, बालाघाट सहित कई प्रदेशों के मरीजों को इसका लाभ मिला है। छतरपुर निवासी सीताराम राय ने बताया कि उन्हें शुगर की बीमारी थी यहां से १ माह की दवा लेने पर शुगर एकदम क्योर हो चुकी है। इसके साथ ही दमा, कमजोरी, आंखों की रोशनी बढ़ाने, हड्डियां मजबूत करने, सर्दी-जुखाम ठीक करने सहित कई बीमारियों से निजात पाने की दवा नि:शुल्क उपलब्ध करा रहे हैं।

balmeek pandey Reporting
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