शासन के बजट को खुर्द-बुर्द करने की फिराक में ग्राम पंचायत लखनवारा सचिव, कार्यालय को घेरने पहुंचे मजदूर व ग्रामीण

जिले की बहोरीबंद जनपद अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों में कोरोना राहत के तहत 30 हजार रुपए का बजट मास्क, सेनेटाइजर व अन्य जरूरी कामों के लिए सरकार ने उपलब्ध कराया था। लेकिन अधिकतर पंचायत के जिम्मेदारों ने इस राशि को खर्च नहीं किया या फिर थोड़ा बहुत खर्च कर पूरी राशि खुर्द-बुर्द करने की फिराक में हैं।

By: balmeek pandey

Published: 02 Jun 2020, 09:10 AM IST

कटनी/स्लीमनाबाद. जिले की बहोरीबंद जनपद अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों में कोरोना राहत के तहत 30 हजार रुपए का बजट मास्क, सेनेटाइजर व अन्य जरूरी कामों के लिए सरकार ने उपलब्ध कराया था। लेकिन अधिकतर पंचायत के जिम्मेदारों ने इस राशि को खर्च नहीं किया या फिर थोड़ा बहुत खर्च कर पूरी राशि खुर्द-बुर्द करने की फिराक में हैं। ऐसा ही एक मामला बहोरीबंद जनपद की ग्राम पंचायत लखनवारा का सामने आया है। जहां शुक्रवार को गांव के ग्रामीण व प्रवासी श्रमिक ग्राम पंचायत जरूरी सुविधाओं के अभाव में जानकारी लेने पहुंचे। ग्रामीण जब ग्राम पंचायत भवन पहुंचे। सचिव से जानकारी मांगी कि 2 माह का समय बीत गया। कोरोना संक्रमण बचाव के लिए शासन स्तर से मास्क, सेनेटाइजर व अन्य जरूरी आवश्यकतो कीं पूर्ति के लिए राशि जारी की गई, लेकिन ग्राम पंचायत के द्वारा ग्राम में अभी तक एक भी न तो मास्क बाटे गये न ही सेनेटाइजर। ग्रामीण अनिरुद्ध सोनी, प्रकाश ठाकुर, प्रमोद कुशवाहा, कृष्ण कुशवाहा, सत्यम कुशवाहा सहित दो दर्जन ग्रामीण ग्राम पंचायत भवन पहुंचे, जिन्होंने बताया कि यदि मजदूरों को रोजगार नही मिला व कोरोना संक्रमण बचाव की राशि जरूरी संसाधनों में खर्च नही की जाती है तो ग्राम पंचायत के खिलाफ जनपद सीईओ, एसडीएम, जिला पंचायत सीईओ व कलेक्टर से शिकायत की जाएगी।

नहीं मिल रहा रोजगार
ग्राम पंचायत लखनवारा के ग्रामीणों ने कहा कि जरूरी सुविधाओं के साथ राज्य के बाहर से आए मजदूरों के लिए फिलहाल ग्राम पंचायत में रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। मनरेगा के तहत विभागीय आंकड़े भले ही इन्हें काम पर बताते हैं, लेकिन अब तक जॉब कार्ड तक की व्यवस्था नहीं हो पाई। काम मंगाने पर सचिव के द्वारा ग्राम पंचायत में कार्य न होने को हवाला दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लॉकडाउन के दौरान 80 मजदूर लौटकर गांव आए। कुछ को ही रोजगार मिला, अभी भी 60 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार की जरूरत है। इस संबंध में सीइओ मीना कश्यप का कहना है कि यदि ग्राम पंचायत लखनवारा के द्वारा शासन स्तर से मिली राशि का उपयोग जरूरी कोरोना संक्रमण संसाधन की उपलब्धता में नहीं किया गया है तो उसकी जानकारी ली जाएगी। यदि राशि खुर्द-बुर्द की गई है तो जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। ग्राम में लौटे मजदूरों को मनरेगा में रोजगार दिलाया जाएगा।

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balmeek pandey Reporting
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