मौसम में बदलाव के साथ आ सकता है बच्चों में वायरल फीवर का अटैक

बरते सावधानी, बच्चे आ सकते है निमोनिया की चपेट में

 

By: dharmendra pandey

Published: 18 Feb 2020, 10:31 AM IST

कटनी. हर दिन मौसम में बदलाव आ रहा है। यह मौसम बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। बच्चे वायरल फीवर के साथ अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे। जिला अस्पताल की ओपीडी भी कुछ यहीं बयां कर रही है। हर दिन जिला अस्पताल में सैकड़ा से अधिक सर्दी-जुकाम और वायरल पीडि़त पहुंच रहे है। डॉक्टर बड़ी संख्या मे बच्चों के बीमार होने की वजह असावधानी बता रहे। सिविल सर्जन डॉक्टर एसके शर्मा की मानें तो मौसम में बदलाव से सर्दी-खांसी और वायरल तेजी से बढ़ रहा है। वायरल संक्रमण से बच्चों के साथ बुजुर्ग भी अछूते नही है। तेज बुखार, कंपकंपी, कफ, शरीर में दर्द, मांसपेशियों में दर्द निमोनिया के लक्षण है, लेकिन बहुत छोटे बच्चों में इस तरह से विशेष लक्षण दिखाई नहीं देते। छोटे बच्चों में निमोनिया की शुरुआत हल्के सर्दी-जुकाम से होती है। जो धीरे-धीरे निमोनिया में बदल जाती है।

निमोनिया के लक्ष्ण
-अचानक खांसी आना और ठीक न होना।
-स्तनपान में कठिनाई।
-तेज-तेज संास चलना।
-सांस तेज चलने के साथ बुखार, सुस्ती आना।

संक्रमण से ऐसे बचे
-वायरल बुखार का संक्रमण हवा में रहता है।
-पीडि़त को छींक, खांसी में मुंह ढंकना चाहिए।
-मरीज को भीड़-भाड़ वाले वायरस स्थान पर नहीं जाने देना चाहिए।
-फुल आस्तीन वाले कपड़े पहनना चाहिए।
-घर के आसपास गंदगी न हो।
-मच्छरदानी लगाकर सोएं।
-बाहरी लोगों से बच्चों को दूर रखें।
इनसे भी बचे
वायरस बुखार -इंफ्लूएंजा या पैर-इंफ्लूएंजा वायरस के कारण होता है। वायरस सांस द्वारा शरीर में प्रवेश करता है।
लक्षण-गले में खराश, जुकाम, मिताली आना, थकावट, हरारत महसूस होना और बुखार रहना।
डेंगू बुखार-संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर आमतौर पर दिन में काटता है।
लक्षण-तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द और शरीर पर चकते। प्लेटलेट्स में गिरावट।
मलेरिया-प्लास्मोडियम विवैक्स नामक वायरल के कारण होता है। संक्रमित मादा मच्छर के काटने से बुखार आता है।
लक्षण-ठंड लगना, बुखार, पसीना निकलना, सिरदर्द और लीवर नुकसान।

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