बिना धुले खाई चना की भाजी तो पूरे गांव के लोगों को होने लगी उल्टी-दस्त

बहोरीबंद के कूड़ा मर्दानगढ़ का मामला, जानकारी मिलते ही गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगाया शिविर

 

कटनी.स्लीमनाबाद. बहोरीबंद के कूड़ा मर्दानगढ़ गांव में बिना धुले चने की भाजी खाने से उल्टी-दस्त की बीमारी से ग्रसित होने का मामला सामने आया है। गुरुवार रात अचानक से डायरिया की चपेट में आने केे बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल का निर्मित हो गया। स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य अमले की टीम शुक्रवार को गांव पहुंची और शिविर लगाकर ग्रामीणों का इलाज किया। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया कि 28 लोगों की जांच की गई। जिसमें 8 लोग बीमारी से ग्रसित पाए गए। एक मरीज शिवलाल कोल की तबियत ज्यादा खराब थी, उसे बहोरीबंद अस्पताल के लिए रैफर किया गया।


नायब तहसीलदार भी पहुंची गांव, लिया जायजा
गांव में उल्टी-दस्त की बीमारी का पता चलने पर शुक्रवार को नायब तहसीलदार बाकल निधि तिवारी गांव पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। स्वास्थ्य अमले को स्थिति सामान्य होने तक शिविर लगाकर इलाज करने को कहा। नायब तहसीलदार तिवारी ने बताया कि गांव में अब स्थिति सामान्य है। एक मरीज की हालत अधिक गंभीर थी जिसके चलते उसे बहोरीबंद अस्पताल भेजा गया है।


कीटनाशकों का होता है छिडक़ाव, धुलने के बाद ही खाएं भाजी
सिविल सर्जन डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि फसलों को कीटों से बचाने के लिए कीटनाशकों का छिडक़ाव किया जाता है। इसलिए किसी भी फल, सब्जी को बिना धुले नहीं खाना चाहिए। क्योंकि जब तक फल व सब्जी को धुला नहीं जाता तब तक उसमें कीटनाशक दवाइयों का असर रहता है।

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