मूलभूत सुविधाओं से वंचित आदिवासी बाहुल्य गांव के वाशिंदे, पेयजल की गंभीर समस्या

साफ-सफाई के अभाव में कचरे से अटी हुई हैं नाली, शौचालय भी हो गए अनुपयोगी

 

By: balmeek pandey

Updated: 21 Feb 2021, 09:55 PM IST

कटनी/पिपरिया सहलावन. आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत भटगवां के वाशिंदे अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामपंचायत के मुख्य ग्राम भटगवां निवासी राममिलन यादव, राजेंद्र, किशन, आशाराम, जयकुमार यादव, जगदीश, बद्री प्रसाद, सत्तू, धर्मेंद्र पटेल, रमा बाई, जयंती बाई, सुखदेव सिंह, लल्लू सिंह, प्रहलाद सिंह सहित अन्य वार्डवासियों ने बताया कि यहां नाली, शौचालय और साफ-सफाई सहित और भी अन्य गंभीर समस्याएं हैं। सबसे गंभीर समस्या पानी की है। 12 महीने यह समस्या बनी रहती है, यहां तक की खेतों में लगे ट्यूबवैलों से लंबी पाइपलाइन जोड़कर गांव में पेयजल और निस्तार के लिए पानी लाने रोजाना मजबूर होना पड़ता है। कहने को तो गांव में हैंडपंप लगे हैं, लेकिन उनकी बोरिंग क्षमता महज 50 से 60 फीट है, वो भी आधे भट चुके हैं। जिनमें कुछ बंद पड़े हैं, तो कुछ में पानी निकालने बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि गांव में यदी ग्रामपंचायत और पीएचई विभाग के प्रयास से नलजल योजना हो जाए तो इस समस्या का निदान हो सकता है।

ग्राम-भटगवां
ग्राम पंचायत-भटगवां
आबादी-1200
तहसील-ढीमरखेड़ा
जिला-कटनी

गांव के मुहाने में भर जाता है पानी
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पिछले साल यहां के मुख्य मार्ग में पीएमजीएसवाई से पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है, लेकिन आशाराम के घर के समीप गांव के मुहाने किनारे नाली निर्माण नहीं कराया गया, जिसको लेकर उसी समय संबंधित ठेकेदार और विभाग के अधिकारी से ग्रामीणों द्वारा मांग की गई पर आश्वासन के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ। जिसका नतीजा जरा सी बारिश होते ही यहां पानी जमा रह जाता है। गांव के अंदर सीसी रोड में जहां-जहां नाली बनी हुई हैं, उनकी पंचायत द्वारा साफ-सफाई नहीं कराये जाने से कूड़ा-करकट से भटी हुई हैं। मधुरिया बाई यादव ने बताया कि दरवाजा नहीं होने से उसका उपयोग नहीं है, वहीं गीता बाई यादव के यहां बने शौचालय का गड्ढा तो खुदा है, लेकिन जुड़ाई नहीं होने से वह अनुपयोगी पड़ा है।

यह भी है समस्या
गांव के अंदर बिजली के खंभों में जो बिजली केबिल लगी हुई है, वह भी खराब पड़ी है, लोग अपने घरों में ट्रांसफार्मर से तार खींचकर बिजली का उपयोग करने मजबूर हैं। हालांकि इसके सुधार की बात उमरियापान जेई के द्वारा कही गई है। वहीं युवाओं की शिक्षा और लोगों की मेहनत मुताबिक क्षेत्र के आसपास रोजगार के कोई साधन नहीं होने से गांव के लोग बेरोजगारी का दंश भी झेल रहे हैं।

इनका कहना है
जलजीवन मिशन के तहत जिन गांवों में पहले से नल-जल योजना संचालित हैं, उन गांवों मे इसके विस्तारीकरण को प्राथमिकता देना हमारा प्रथम लक्ष्य है, इसके बाद दूसरे चरण में नल-जल योजना से वंचित गांवों को जोड़ा जाएगा। भटगवां को भी जोड़कर वहां नल-जल योजना चालू करवाने का काम किया जाएगा। ग्राम पंचायतें हैंडपंपों के बोरों को साफ करवाकर पानी की समस्या का हल निकाल सकती हैं।
बीपी चक्रवर्ती, एसडीओ-पीएचई विभाग।

balmeek pandey Reporting
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