पेयजल के लिए हर दिन करनी पड़ रही जद्दोजहद, नहीं मिला नलजल योजना का लाभ

पीने के पानी सहित रोजगार के साधन ना होने के कारण युवा वर्ग बेहाल, गांव पाकर विकास से अछूता, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को नहीं समस्या से सरोकार

By: balmeek pandey

Published: 29 Dec 2020, 08:14 PM IST

कटनी/स्लीमनाबाद. तहसील मुख्यालय बहोरीबंद से 20 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पाकर आज भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है। ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए तमाम योजनाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन गांव की स्थिति दावों और वादों की पोल खोल रही है। लगभग 1800 आबादी वाले ग्राम में पीने के पानी की गंभीर समस्या है। ग्राम में मैं 7 सरपंचों का कार्यकाल बीत चुका है, लेकिन अभी नलजल योजना का लाभ नही मिल पाया। शीतकाल में ही हैंडपंप पानी कम देना शुरू कर दिए। जल स्रोत कम होने लगा है। जिससे गर्मी के दिनों में खासकर मार्च-अप्रैल के महीने में ही गांव में पानी का अकाल छा जाता है। ग्राम में फिर निजी बोरवेलों के सहारे पानी के लिए ग्रामवासी मजबूर रहते हैं। ग्राम वासियों के द्वारा पानी की समस्या से लगातार प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
ग्रामवासी फूलचंद्र चौधरी, रामदयाल चौधरी, पंचमलाल चौधरी, शिवप्रसाद चौधरी, सुरेश बर्मन, दर्श रूप प्रधान ने बताया कि विद्युत समस्या भी गांव में आए दिन बनी रहती है। लगातार ट्रिपिंग और लो वोल्टेज के कारण विद्युत का भी सुचारू लाभ नहीं मिल पा रहा। जिससे रबी सीजन की सिंचाई कार्य नही हो पा रहा है। साथ ही सिंचाई के लिए कोई जलाशय भी नही है। जिससे निजी बोरवेलों के सहारे सिंचाई का कार्य होता है। लेकिन जब जल स्तर घटता है तब जलाशय न होने की कमी खलती है।

ग्राम-पाकर
ग्राम पंचायत-पाकर
तहसील-बहोरीबंद
जिला-कटनी
आबादी-1800

रोजगार व स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का युवा वर्ग पढ़ लिखकर क्षेत्र में रोजगार के लिए भटकता है। कोई रोजगार के साधन न होने से युवा वर्ग की मेहनत बेकार चली जाती है। दो वक्त की रोटी के लिए मजदूर बन रहा है। मनरेगा कार्यो में कार्य करता है या फिर दूसरे जिलों व राज्यों के लिए पलायन कर जाता है। गांव में खुला उप स्वास्थ्य केंद्र भी महज शोपीस बना है। उपचार के लिए कोई दवा ही नही मिलती। यहां पदस्थ एएनएम सिर्फ टीकाकरण कार्य तक सीमित है। जिससे उपचार के लिए बहोरीबंद, बाकल या फिर झोलाछाप डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ता है।

इनका कहना है
गांव में जो भी समस्याएं हैं उनकी जानकारी ली जाएगी। गांव के विकास के लिए जो भी आवश्यकताएं होंगी उन्हें पूर्ण करवाने हर संभव प्रयास किया जाएगा।
विजय द्विवेदी, तहसीलदार बहोरीबंद।

balmeek pandey Reporting
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