गुड्स ट्रेन की तेज गति बनाए रखने में पांच माह से देश में टॉप पर जबलपुर जोन

रेलवे ने 60 किलोमीटर प्रति घंटे से पार करने की समुचित व्यवस्था कर हासिल किया कीर्तिमान.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 23 Jul 2021, 01:09 PM IST

कटनी. रेलवे द्वारा गुड्स मालगाड़ी की गति बढ़ाने की दिशा में हो रहे प्रयासों के बीच जबलपुर जोन इस मामले में बीते पांच महीने से पहले पायदान पर है। बतादें कि गुड्स मालगाड़ी में कोयला, आयरनओर, सीमेंट व अन्य उत्पाद का परिवहन होता है। भारतीय रेल ने फ्रेट (गुड्स) मालगाडिय़ों की गति को बढ़ाने के लिए नई तकनीक का उपयोग किया है। पश्चिम मध्य रेल में भी फ्रेट मालगाडिय़ों की गति को 60 केएमपीएच से पार करने के लिए संचालन की समुचित व्यवस्था करके इस लक्ष्य को हासिल किया है। पिछले पांच महीने से पमरे लगातार भारतीय रेल में प्रथम स्थान पर बना हुआ है।

गुड्स मालगाड़ी की गति बढ़ाने के लिए बीते वर्ष से 10 से ज्यादा स्थानों पर बाधाओं को दूर किया गया। इस वर्ष भी गति में बाधा बन रहे कारकों को दूर किया जा रहा है। खासबात यह है कि लंबे ब्लॉक सेक्शनों पर दोहरीकरण और तिहरीकरण, गति प्रतिबंध का कार्य पूर्ण किए हैं।

कटनी-सिंगरौली रेलखण्ड पर गोंदवाली से महदेईया के बीच दोहरीकरण, सतना-रीवा रेलखण्ड पर सतना से कैमा के बीच दोहरीकरण, बीना-कटनी रेलखण्ड पर मकरोनिया से लिधौराखुर्द के बीच तिहरीकरण एवं हरदुआ से रीठी के बीच तिहरीकरण के कार्य को पूर्ण करके और गति प्रतिबंध को हटान के बाद जबलपुर जोन ने कीर्तिमान स्थापित किया है। इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नल स्थापित करके फ्रेट की गति को बढ़ाया गया।

मालगाड़ी की गति तेज बनाए रखने के लिए झुकेही-कैमोर रेलखण्ड पर नन्हवारा और मेहगांव यार्ड में पैनल इंटरलॉकिंग लगाकर 15 की सेक्शन स्पीड को बढ़ाकर 50 कर दिया गया। जिससे गुड्स ट्रेन की मोबिलिटी में वृद्धि हुई है। न्यू कटनी जंक्शन में यार्ड रिमॉडलिंग के कार्य को पूरा किया, जिसमें मुख्यत: लूप लाईन की लम्बाई बढ़ाई गई और साथ ही साथ 2 क्रासओवर डालकर यार्ड की शंटिंग एवं रनिंग फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाई गई। जिसके कारण गाडिय़ों के डिस्पेश और रिसीव में डिटेंशन को कम से कम किया गया।

पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) के सीपीआरओ राहुल जयपुरियार बताते हैं कि गुड्स ट्रेनों की गति को लेकर पमरे में पुराने ब्रिजों के गर्डर को बदला गया। सुधारीकरण में उच्च गुणवत्ता के साथ रखरखाव किया गया। ब्रिजों के गति प्रतिबंध को भी हटाया गया। जिस कारण मालगाडिय़ों की संचालन की गति में वृद्धि हुई। जबलपुर मंडल के निवार ब्रिज के डाउन दिशा में 30 की गति प्रतिबंध को हटाने के लिए जरुरी सुधार किया गया। रतनगांव से सलैया के बीच 40 की गति प्रतिबंध को भी हटाया गया। बेहतर कार्य के लिए पमरे महाप्रबंधक शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रमुख मुख्य विभागाध्यक्षों और मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक के टीम वर्क की समय-समय पर सराहना भी की।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned