जब रेल कर्मियों ने कोरोना संकट काल में रचा कीर्तिमान

एनकेजे आरओएच के 360 कर्मचारियों ने कोरोना संकटकाल के एक माह में 790 वैगन की मरम्मत कर देश में टॉप पर.

- देश के तीन बड़े आरओएच में भिलाई दूसरे और मुगलसराय तीसरे स्थान पर.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 03 Aug 2020, 10:58 PM IST

कटनी. कोरोना संकट काल में तमात चुनौतियों के बीच न्यू कटनी जंक्शन (एनकेजे) में मालगाड़ी डिब्बों के मरम्मत के लिए बनी रूटीन ओवरहॉलिंग (आरओएच) के 360 कर्मचारियों ने मेहनत का नया कीर्तिमान रच दिया। कोरोना वायरस का संक्रमण और लॉकडाउन के बीच यहां के कर्मचारियों ने एक ही लक्ष्य रखा कि इस बार जितने भी वैगन मरम्मत के लिए आएंगे उन्हे जल्द से जल्द ठीक कर वापस भेजना है। देश के तीन प्रमुख आरओएच में से एक एनकेजे 790 वैगनों की मरम्मत कर देश में टॉप पर रहा। भिलाई दूसरे स्थान और मुगलसराय तीसरे स्थान पर रहा।



कोरोना संक्रमण के कारण मार्च में लागू लॉकडाउन के बाद देशभर में यात्री टे्रनों के पहिए थमे तो खाली पटरी का उपयोग करने के लिए रेलवे ने मालगाड़ी के फेरे बढ़ा दिए। नतीजतन जो डिब्बे मार्च में मरम्मत के लिए आरओएच में आनी थी उसे जून तक बढ़ाया गया और जुलाई में आरओएच में वैगन की संख्या बढ़ी तो कर्मचारियों ने भी उतनी ही तेजी से मरम्मत किया। सामान्यत: आरओएच में हर माह 5 से 6 सौ वैगन का मरम्मत होता है।

मालगाड़ी के वैगन मरम्मत के अलावा एनकेजे में 288 वैगन को सिंगल पाइप लाइन से ट्विन पाइप लाइन प्रणाली में बदला गया। इसके साथ ही माइल्ड स्टील के 19 बाक्सएन टाइप डिब्बों को स्टेनलेस स्टील वैगन में बदलकर बाक्सएनआर श्रेणी में लाया गया।

एनकेजे सीएनडब्ल्यू के सीनियर सेक्शन इंजीनियर डीबी सिंह बताते हैं कि जुलाई माह में मरम्मत के लिए वैगन की आवक बढ़ी तो यूनिट के सभी 360 कर्मचारियों ने तीन शिफ्ट में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूरी मेहनत और लगन से काम किया। इसी का परिणाम रहा कि 790 वैगन का आउटटर्न देकर भिलाई और मुगलसराय से एनकेजे आगे रहा।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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