कोरोना की चुनौती से निपटने गांव में महिलाओं ने चुनी नई राहें

- बदला कमाई का जरिया, 305 महिलाओं ने समूह के माध्यम से बनाया मास्क, कमाए 32 लाख रूपये.

- घर चलाने में महिलाओं ने निभाया महत्वपूर्ण योगदान, 1625 महिलाओं ने संभाला गणवेश सिलाई का काम.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 01 Jul 2020, 11:48 AM IST

कटनी. कोरोना ने कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न कर दिया तो इस संकटकाल में आई विपदा ने कई परिवारों को जीने की नई राह भी दिखाई। कोरोना की विपदा से निपटने के लिए 24 गांव की 305 महिलाओं ने 53 स्व सहायता समूहों के माध्यम मास्क बनाने का काम किया। तीन माह की कम अवधि ने महिलाओं ने मेहनत की और 3 लाख 43 हजार 823 मास्क बनाए।

महिलाओं द्वारा बनाए गए मास्क को मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग व दूसरी सरकारी संस्थाओं के माध्यम से दस रूपये प्रति मास्क की दर पर वितरित किया गया। अब तक 3 लाख 29 हजार 263 मास्क वितरण से महिलाओं ने 32 लाख 90 हजार रूपये से ज्यादा राशि अर्जित की।

कोरोना की चुनौती के बीच आत्मनिर्भर भारत का सपना संजोने के लिए सिलाई में दक्ष महिलाओं ने गणवेश सिलाई का काम लिया। इसके लिए 17 सिलाई केंद्र बनाया गया। यहां 1625 महिलाओं द्वारा तैयार गणवेश में से 2 लाख 69 हजार 942 गणवेश का आर्डर मिल भी चुका है।

कलेक्टर एसबी सिंह बताते हैं कि आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। 53 स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं ने मास्क बनाने का काम लिया। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। लॉकडाउन के दौरान घर बैठे रोजगार के अवसर भी मिले।

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raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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