पति से तंग आकर थामा जिस युवक का दामन, उसके छोटे भाई ने कर दी हत्या

कानपुर से युवक के साथ भागकर युवती सूरत पहुंची, शादी के कुछ साल बाद होने लगी लड़ाई तो परेशान होकर कटनी के विजयराघवगढ़ के सूरत पहुंचे युवक का दामन थामा, उसी के छोटे भाई ने गला दबाकर की महिला और बच्चे की हत्या.

- सबूत मिटाने खेत में जलाए कपड़े, पुलिस ने किया वारदात का खुलासा.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 15 May 2021, 11:33 AM IST

कटनी. विजयराघवगढ़ थाना अंतर्गत हरदुआ कला गांव में खुशीलाल के खेत में 7 मई को मिली मां-बेटे शव मामले में हत्या का खुलासा पुलिस ने किया। पुलिस के अनुसार हरदुआ गांव के समीप पडख़ुरी गांव में सुरेश पटैल के तीन बेटों की शादी नहीं होने के बाद भी एक महिला व बच्चे के होने की जानकारी मुखबिरों से मिली। जो बीते कुछ दिनों से लापता थी। सुरेश पटैल व उसके तीनों बेटे लवकुश, संदीप व अरुण से पूछताछ की गई। चारों ने महिला व बच्चे की हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।

एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि मृतिका की पहचान उत्तरप्रदेश के कानपुर के थाना चौबेपुर अंतर्गत बनसठी गांव निवासी रुचि उर्फ मोहनी के रुप में की गई है। युवती लगभग वर्ष पहले बनसठी गांव में ही रहने वाले धर्मपाल रैदास के साथ भागकर सूरत चली गई। थी। इस दौरान उसने एक बेटे को जन्म दिया। धर्मपाल रुचि से शराब पीकर मारपीट करता था और वह परेशान होकर कटनी जिले के विजयराघवगढ़ थानाक्षेत्र के पडख़ुरी गांव से काम करने सूरत गए लवकुश पटैल के पास जाकर रहने लगी।

सूरत में लवकुश पटैल के साथ उसका छोटा भाई अरुण पटैल भी रहता था। अरुण पटैल और रुचि का बात-बात पर झगड़ा होनेे लगा और मार्च महीने में अरुण पटैल सूरत से अपने घर पडख़ुरी गांव आ गया। इस बीच 29 अप्रैल को लवकुश पटैल भी रुचि व उसके बेटे को लेकर पडख़ुरी गांव अपने घर आ गया।

2 मई को अरुण और रुचि के बीच विवाद हुआ। अरुण ने रुचि की गला दबाकर हत्या कर दी। रुचि का गला दबाते उसके बेटे ने देख लिया था तो उसकी भी गला दबाकर हत्या कर दी। अरुण ने अपने भाई लवकुश, संदीप और पिता सुरेश के साथ मिलकर महिला व उसके बच्चे के शव को ठिकाने लगाने के लिए हरदुगा गांव स्थित कुएं में फेंक दिया। सबूत मिटाने के लिए उनके कपड़े खेत में जला दिए।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर महिला का बैग, जलाए गए कपड़े, टूटी हुई चूडिय़ों के अवशेष जप्त कर लिए हैं। अंधी हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने दस हजार रुपए का इनाम दिया।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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