माफिया दमन अभियान में सीएम को दे रहे गलत जानकारी

चालानी, अतिक्रमण, और शराब जब्ती की सामान्य कार्रवाई को बता रहे माफिया दमन.

नागरिकों ने कहा सीएम के आदेश पर जिले में नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई.

 

कटनी. माफिया पर जिला प्रशासन की कार्रवाई एक बार फिर सवालों में है। यहां कमिश्नर के माध्यम से सीएम तक भेजी जाने वाली कार्रवाई की जानकारी में छोटे-छोटे अतिक्रमण हटाने, महुआ लाहन और सड़क पर चालानी कार्रवाई को माफिया पर कार्रवाई बताया है। बतादें कि लगभग डेढ़ माह से चल रही यह कार्रवाई मुख्यमंत्री कमलनाथ के आदेश पर माफिया दमन कार्रवाई का हिस्सा है।

परिवहन विभाग ने रूटीन में की जाने वाली सामान्य चालानी कार्रवाई के 216 मामलों को परिवहन माफिया के खिलाफ कार्रवाई बता दिया गया है। विभाग ने इस कार्रवाई में 22 लाख 19 हजार 168 रुपये अर्थदंड वसूली का दावा दिया है।

माफिया दमन दल अभियान में राजस्व विभाग द्वारा भू-माफिया पर 151 कार्रवाई बताकर अतिक्रमणकारियों से 24 करोड़ 1 लाख 60 हजार कीमत की 35.526 हेक्टेयर जमीन खाली करवाने के 148 मामलों को शामिल कर दिया गया है। भू-माफिया के 3 कार्रवाई में 17.63 करोड़ के 1.700 हेक्टेयर जमीन मुक्त कराने का दावा किया गया है।

आबकारी विभाग ने महुआ-लाहन की कार्रवाई को शराब एवं नारकोटिक्स माफिया पर कार्रवाई बता दिया। 214 प्रकरणों की जानकारी भी दे दी। इसमें 5 लाख 64 हजार 355 ुरुपये जुर्माना वसूली बात कही गई है।

अपर कलेक्टर जयेंद्र कुमार विजयवत बताते हैं कि परिवहन विभाग के आरटीओ, आबकारी विभाग के अधिकारी और एसडीएम सहित अन्य विभागों के अधिकारी माफिया पर कार्रवाई की जानकारी दे रहे हैं। जिसे ऊपर भेजा जा रहा है।

सीएम के आदेश पर शहर और जिले में अब तक चले अभियान को लेकर नागरिकों का कहना है कि भू-माफिया पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। यहां कई स्थानों पर सरकारी जमीन पर खुलेआम कब्जा कर कॉलोनी का निर्माण किया गया है। कॉलोनी के अंदर से निकलने वाले नाले को ढंककर आसपास मकान का निर्माण कर लिया गया। कई भू-माफिया दस्तावेज में गड़बड़ी कर सरकारी जमीन हथिया रहे हैं।

इन मामलों पर नहीं हुई कार्रवाई
- डर्बी होटल को तोडऩे पहुंचा अमला सील कर लौट आया।
- लल्लू भइया की तलैया पर खुलेआम अतिक्रमण का खेल चला, प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
- वन विभाग के सामने कॉलोनी के अंदर नाला को ढंक दिए जाने का मामला दब गया।
- तिलक कॉलेज के समीप शासकीय जमीन पर अतिक्रमण नहीं हटने से कॉलेज विस्तार पर असर पड़ रहा है।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned