आठ लेखपाल निलंबित, 55 को बर्खास्तगी का नोटिस

Sunil Yadav

Publish: Jul, 13 2018 05:07:48 PM (IST)

Kaushambi, Uttar Pradesh, India

कौशांबी. पिछले ग्यारह दिनों से चल रहे आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों की हड़ताल से निपटने के लिए शासन ने सख्ती करना शुरू कर दिया है। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने लेखापाल संघ के जिलाध्यक्ष-महामंत्री, तीनों तहसील के अध्यक्ष-महामंत्री समेत आठ लेखपालों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 55 नए लेखपालों को नोटिस जारी कर बर्खास्तगी की चेतावनी दी गई है।

वहीं शासन और प्रशान कीसख्ती के बाद लेखपाल संघ झुकने को तैयार नहीं है। निलंबन व बर्खास्तगी का नोटिस जारी होने के बाद भी लेखापाल संघ धरने पर जोरदारी से डटा हुआ है। लेखापाल संघ का कहना है कि उनके खिलाफ कार्रवाई का खामियाजा प्रदेश व केंद्र सरकार को आने वाले चुनाव मे चुकाना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले प्रदेश भर के लेखपाल पिछले ग्यारह दिनों से आठ सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर है। हड़ताली लेखपालों की मांग है कि वेतन उच्चीकारण के तहत उन्हें उनकी प्रारम्भिक ग्रेड पे 2800 रुपया किया जाय। वेतन विसंगति दूर की जाय।

2003-04 व प्रशिक्षित 2005 में नियुक्त लेखपालों को पुरानी पेंशन दी जाय। इसके अलावा विशेष भत्ता 100 रूपए से बढ़ाकर 1500 रुपया, मोटर साइकिल भत्ता 100 रुपया से बढ़ाकर 2000 रुपया व स्टेशनरी भत्ता 100 रुपया से बढ़ाकर 750 रुपया किया जाय। ई-डिस्ट्रिक, ई गवर्नेंस एवं डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए लैपटॉप व स्मार्ट फोन आदि दिया जाय। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रोशन लाल का कहना है कि उनकी मांगों को न मान कर जिलाधिकारी ने शासन के निर्देश पर संघ के जिलाध्यक्ष, महामंत्री समेत सिराथू, मंझनपुर व चायल टहसेल के अध्यक्ष व महामंत्री के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

इसके अलावा दो साल पहले भर्ती हुये 55 लेखपालों पर दबाव बनाने के लिए उन्हें बर्खास्तगी की नोटिस जारी की गई है। लेखपाल संघ शासन की इन कार्रवाई से डरने वाला नहीं है। नए लेखपाल संघ के साथ आंदोलन मे जुड़े हुये हैं| जिलाध्यक्ष ने शासन को दो टूक शब्दों मे कहा है कि वह उनके कार्यवाही से दराने वाले नहीं है, जब तक मांगे पूरी नहीं होती हड़ताल जारी रहेगी| केंद्र व प्रदेश सरकार को चेतावनी दिया कि उन्हे आने वाले चुनाव मे खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वहीं हड़ताली लेखपालों के बाबत जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि शासन के निर्देश पर लेखपालों पर कार्रवाई की जा रही है। यदि हड़ताल नहीं समाप्त की गई तो आगे बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

By- शिवनंदन साहू

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