यूपी के सरकारी स्कूल में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, गंदे पानी में बर्तन धुलकर खाना खा रहे छात्र

 यूपी के सरकारी स्कूल में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, गंदे पानी में बर्तन धुलकर खाना खा रहे छात्र
School childrens

मंझनपुर के टेवा प्राइमरी स्कूल का हाल, डीएम ने दिया जांच के बाद कार्रवाई का आदेश

कौशांबी. देश के प्रधानमंत्री आम आदमी के साथ सरकारी कर्मचारियों को स्वच्छता का कितना भी पाठ पढाये, लेकिन सरकारी स्कूलों के गुरूजी स्वच्छता मिशन को ही पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। कौशाम्बी जिले के सरकारी प्राइमरी स्कूल के बच्चे खाना खाने से पहले अपने थाली और प्लेट हैण्ड पंप के पास बने गंदे पानी के गड्ढे में धुल कर खाना खाने को मजबूर हैं। इसके पीछे बच्चों की कोई ख़ास मजबूरी नहीं है बल्कि इस स्कूल के गुरूजी की लापरवाही ही बच्चों को गंदे पानी के गड्ढे में बर्तन धोने को मजबूर कर रही है। इस पूरे मामले पर जिला के डीएम को जब हमने तस्वीर दिखा कर सवाल किया, जिस पर उन्होंने इस पूरी घटना की जांच की बात कही।

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गरीब मां बाप जो अपने बच्चों को स्कूलों में इस मंसूबे के साथ स्कूल भेजते हैं कि स्कूल के गुरूजी उनके बच्चे को अच्छी शिक्षा संस्कार और स्वच्छता का पाठ पढ़ायेंगे, लेकिन इन सरकारी स्कूलों में बच्चों को खाना खाने से पहले अपनी थाली कैसे गंदे पानी के गड्ढे में धुलनी पड़ रही है। सरकारी स्कूल में स्वच्छता का मजाक बनी इन तस्वीरों को जब पत्रिका ने अपने कैमरे में कैद किया और फिर बच्चों की इस मजबूरी का सवाल उनके गुरु जी से किया, तो कैमरा देख प्राथमिक विद्यालय टेवा के इंचार्ज मास्टर साहब संदीप कुमार ने पहले तो बच्चों की ही गलती बताने लगे, पर जब हमने बतौर अध्यापक उनके दायित्व और जिम्मेदारी का सवाल उठाया तो उन्होंने अपनी गलती खुद ही कैमरे पर स्वीकार की।






कौशाम्बी के जिला मुख्यालय मंझनपुर से 10 किलोमीटर दूर बसे टेवा के प्राइमरी स्कूल में तकरीबन 80 से अधिक बच्चे पढ़ने आते हैं। अध्यापकों की इस लापरवाही से न सिर्फ स्वच्छता अभियान को पलीता लग रहा है साथ ही बच्चों की सेहत के साथ भी खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। पूरे मामले पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की लापरवाही की यह घटना चिंताजनक है, जिसकी जांच के लिए आदेशित किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इस तरह की घटनायें दोबारा भविष्य में न हो इसके लिए व्यापक इंतजाम किये जायेंगे।  
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