जिला अस्पताल की बदइंतजामी, शव ले जाने के लिए नहीं दिया वाहन

प्राइवेट वाहन से शव ले जाने को मजबूर हुये परिजन, सीएमएस दे रहे गोलमोल

By: Ashish Shukla

Published: 24 Jul 2018, 09:09 PM IST

कौशांबी. प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने का दावा भले ही कर रही हो, लेकिन कौशाम्बी जिले में हालात यह हैं कि यहां घायलो को अस्पताल एवं शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस नही मिल पा रही है| जिसके चलते लोगो को महंगी कीमत देकर प्राइवेट एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है।

ताजा मामला जिला अस्पताल से जुड़ा है| कोखराज थाना इलाके के एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना मे उपचार के दौरान मौत हो गई| पोस्टमार्टम हाउस तक शव ले जाने के लिए अस्पताल का शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया | इस मामले मे अस्पताल प्रशासन गोल्म्प्ल जवाब देता रहा| कोखराज थाना क्षेत्र के बरौला गांव के रहने वाले शिवलाल नामक व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था । जिसे इलाज के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उपचार के दौरान आज उसकी मौत हो गई।

मृतक शिवलाल की शव घर ले जाने के लिए जब उसके भतीजे अजय कुमार ने अस्पताल प्रशासन से शव वाहन उपलब्ध कराए जाने की मांग की तो उसे शव वाहन के खराब होने का बहाना बनाकर वापस भेज दिया गया । जिसके बाद परिजनों को मजबूरन एक हजार रुपये की कीमत अदा करके शव को बमुश्किल दो किलो मीटर दूर पोस्टमार्टम हाउस ले जाना पड़ा। यह हालत तब है जब शव ले जाने के लिए सरकारी स्तर पर जिले के स्वास्थ्य विभाग को शव वाहन उपलब्ध कराया गया है, जो जिला अस्पताल में ही खड़ी रहती है।

जिला अस्पताल की स्थिति यह है कि यहाँ हर समय आधा दर्जन से ज्यादा प्राइवेट एम्बुलेंस मौजूद रहती हैं और जिला अस्पताल के कर्मचारी सरकारी शव वाहन का उपयोग न करके लोगो को प्राइवेट एम्बुलेंस से मृतको का शव भेजवाने में लगे रहते है। जिला अस्पताल के कर्मचारी कमीशनखोरी के चलते पूरी व्यवस्था को चौपट करने में लगे हुए है और उन्हें रोकने वाला भी कोई नही है।

इस बारे में जब जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक दीपक सेठ से बात की गई तो उन्होंने फोन पर कर्मचारियों को सुधरने की नसीहत तो दी लेकिन पूरे मामले में कैमरे के सामने कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए।

Ashish Shukla
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned