मोहर्रम पर कोरोना का साया, इमामबाड़ों और घरों में सजे अलम, इमाम चौक सूने

इमाम चौक पर नहीं रखे गए ताजिया, जुलूस पर भी रहा प्रतिबंध।

 

By: रफतउद्दीन फरीद

Published: 30 Aug 2020, 11:14 PM IST

Kaushambi, Kaushambi, Uttar Pradesh, India

कौशाम्बी. कोविड-19 के चलते इस साल मोहर्रम बेहद सादगी के साथ बीता। शासन द्वारा जुलूस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया। ऐसे में अजादार या तो इमामबाड़े या फिर अपने घरों में ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अजादारी कर रहे हैं। इमामबाड़े के अंदर अलम व मुहर्रम से जुड़े अन्य सामग्रियों को हर साल की तरह सजाया गया है। विभिन्न रास्तों से होकर कर्बला तक जाने वाले ताजिए इस बार नहीं दिखाई दिये।

 


कौशांबी जनपद के विभिन्न गांव व कस्बे में मोहर्रम का त्यौहार बेहद खास तरीके से मनाया जाता है। इस बार कोरोना काल के चलते मोहर्रम के जुलूस पर ग्रहण लग गया। ऐसे में मुहर्रम मनाने वाले अजादार अपने घरों में ही नौहाख्वानी व मातम कर रहे हैं। अजादारों का कहना है कि कोरोनावायरस से बचने के लिए सरकार ने जुलूस पर प्रतिबंध लगाया है। ऐसे में वह लोग इमामबाड़े या फिर अपने घर के अंदर ही इमाम हुसैन को याद कर मोहर्रम का त्यौहार मना रहे हैं। कौशांबी जनपद की ताजिया को कई जिले में शोहरत मिली हुई है लेकिन इस बार ताजिया का जुलूस नहीं निकला। इमाम चौक पर भी ताजिए नहीं रखे गए। अजादारों का कहना है कि सरकार द्वारा जो गाइडलाइन मिली, उसी के मुताबिक मोहर्रम बीत रहा है।

पूर्वांचल में मुहर्रम पर कोरोना के असर को विस्तार से पढ़ने के लिये क्लिक करें।

By Shivnandan Sahu

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