नए सिरे से तय होगा नेशनल हाइवे किनारे की जमीन का सर्किल रेट

किसानों/व्यापारियों के विरोध के बाद प्रदेश सरकार ने जारी किया फरमान

By: Ashish Shukla

Published: 25 Nov 2018, 08:12 PM IST

कौशांबी. नेशनल हाइवे-2 के सिक्स लेन निर्माण से पहले मुआवजा को लेकर किसानों/व्यापारियों के विरोध को देखते हुये प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है| प्रदेश की योगी सरकार ने हाइवे किनारे की भूमि का एक बार फिर से सर्किल रेट निर्धारन करने का फरमान जारी किया है| शासन ने इसके लिए नेशनल हाइवे किनारे के सभी जिले के डीएम को हाइवे किनारे की भूमि का सर्किल रेट पुनरीक्षित करने को कहा है| देखना यह है कि शासन के इस फरमान से सर्किल रेट कम होगा या बढ़ेगा|

नेशनल हाइवे-2 के सिक्स लेन किए जाने के लिए हेशनल हाइवे अथार्टी ऑफ इंडिया ने जिले के 27 गांवों के लगभग 4100 किसानों/व्यापारियों की भूमि को अधिग्रहण करने के लिए चिन्हित किया है| भूमि अधिग्रहण के लिए एन एच आई ने पहले पचपन सौ रुपए वर्ग मीटर सर्किल रेट का निर्धारण किया| इस रेट से कुछ किसानों को मुआवजा दे भी दिया गया लेकिन बाद मे मुआवजा का रेट कम करते हुये छह सौ रुपया वर्ग मीटर कर दिया गया| इसके बाद किसानों ने विरोध शुरू कर दिया| किसानों/व्यापारियों के विरोध के चलते पिछले चार माह के बाद भी सिक्स लेन निर्माण का काम नहीं शुरू हो सका| किसानों/व्यापारियों के विरोध को देखते हुये प्रदेश सरकार ने हाइवे किनारे के उन जिलों कि भूमि के सर्किल रेट को पुनरीक्षण करने का फरमान जारी किया है जहां सिक्स लेन का निर्माण होना है|

प्रदेश के प्रमुख सचिव स्टाम्प एवं निबंधन हिमांशु कुमार की ओर से जारी पत्र मे कहा गया है कि अचल संपत्ति की दरों मे पुनरीक्षण का मतलब सिर्फ दरों मे वृद्धि करना ही नहीं, बल्कि ऐसे स्थानों पर जहां, प्रचलित दर से अधिक सर्किल रेट हो गया है उसे कम कर दिया जाये| शासन के इस ताजा फरमान से तो यही लग रहा है कि सर्किल रेट कम हो जाएंगी| हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि जिस तेजी से भूमि के दाम बढ़े हैं उससे लगता है कि सर्किल रेट के दर भी बढ़ेंगे|

Ashish Shukla
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