कौशाम्बी. डिप्टी सीएम केशव मौर्य के जिले में बोर्ड परीक्षा की शुचिता का क्या हाल है यह इस एक धटना से साफ हो जाता है। कौशाम्बी के मंझनपुर तहसील क्षेत्र के एक परीक्षा केन्द्र में नकल के लिये शुल्क न देने पर प्रबन्धक के शिक्षकों के साथ मिलकर छात्र की बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है, जिसमें छात्र का सिर भी फूट गया। इस घटना के बाद जब परीक्षार्थियों ने अपने साथी को घायल हालत में देखा तो उन्होंने जमकर बवाल काटा, तोड़फोड़ और हंगामा किया। इतना ही नहीं आस-पास के लोग भी छात्रों के बवाल में शामिल हो गए और कॉलेज की दीवार गिराकर विद्यालय प्रशासन पर टूट पड़े परीक्षार्थियों ने कॉलेज के फर्नीचर तोड़कर मैदान में फेंक दिये। हालत ये हुई कि प्रबंध तंत्र ने खुद को कमरों में बंद कर अपनी जान बचायी।


नकल के नाम पर मांगे जा रहे थे 10 हजार रुपये!
छात्र दूसरी पाली मे इंटर की फिजिक्स की परीक्षा देने के लिए रोज की तरह लक्ष्मी देवी इंटर कालेज पर छात्र पहुचे थे। आरोप है कि वहां चेकिंग के बाद कालेज के प्रबंधक शिव कुमार सिंह और उनका बेटा परीक्षार्थियों से नक़ल कराने के नाम पर प्रति परीक्षार्थी आठ हज़ार से 10 हज़ार रुपये की मांग करने लगे। इसी बीच आकाश त्रिपाठी नाम के छात्र ने अपनी गरीबी का हवाला देकर रुपये न देने की बात कही। घायल परीक्षार्थी आकाश के मुताबिक प्रबंधक और उसके बेटे ने मिलकर उसे पीटना शुरू कर दिया। इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसका सिर फट गया।


बवाल के बाद पहुंची चार थाने की पुलिस
चोट के कारण आकाश परीक्षा केंद्र में होने के बाद भी अपनी परीक्षा नहीं दे पाया है। पीड़ित छात्र के परिवार वालो ने करारी पुलिस को तहरीर देकर कालेज प्रबंध तंत्र के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। परीक्षा के दौरान हंगामा और बवाल की सूचना पर करारी सहित चार थाना की पुलिस के साथ अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, एसडीएम मंझनपुर विवेक चतुर्वेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक सतेंदर कुमार सिंह मौके पर पहुचे और तकरीबन 45 मिनट की पुलिसिया कार्यवाही के बाद छात्रो को काबू किया गया। परीक्षा के दौरान अवैध वसूली की बात पर अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि घायल परीक्षार्थी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी। परीक्षा केंद्र मे नकल होने के बाबत भी जांच की जाएगी।


भारी पड़ रहे हैं नकल माफिया!
नकल के लिए बदनाम कौशांबी जिले मे इस बार परीक्षा शुरू होने के साथ ही जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई थी। सख्ती का असर यह हुआ कि नकल पर शुरुआती दिनों मे नकेल लगी थी लेकिन धीरे धीरे सब कुछ पुराने ढर्रे पर आने लगा है। फैजीपुर के स्कूल मे जो कुछ भी हुआ वह इस बात की ओर इशारा करता है कि नकल माफिया जिला प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद उन पर भारी पड़ रहे हैं। परीक्षा केंद्र के अंदर प्रिंसिपल के बेटे का होना इस बात का सबूत है कि फैजीपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर सब कुछ विद्यालय प्रबंध तंत्र के मुताबिक हो रहा था। फिलहाल देखना यह है कि जांच मे क्या सामने आता है और किस तरह की कार्यवाही की जाएगी।
by Shivnandan Sahu

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