केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह ने कहा- जाति धर्म से ऊपर उठकर देश सेवा की भावना जागृत करें

वीरांगना दुर्गा भाभी के जन्म स्थली पर सैनिको का हुआ सम्मान

By: वाराणसी उत्तर प्रदेश

Published: 18 Aug 2017, 05:19 PM IST

Kaushambi, Uttar Pradesh, India

कौशांबी. अगस्त क्रांति के मौके पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीरांगना दुर्गा भाभी के जन्मस्थली शहजादपुर मे सैनिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गयाद्य समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह ने देश की जनता को एक सूत्र मे पिरोने की वकालत करते हुये कहा कि धर्म व जाति से ऊपर उठते हुये देश सेवा की भावना सभी के अंदर होना चाहिए।  पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा देश के हर नागरिक को 365 दिन देश सेवा की भावना से देशहित के लिए काम करना चाहिये। उन्होने ने कहा कि देश तरक्की के रास्ते पर आगे तभी बढ़ सकता है जब देश के नागरिक देश प्रेम के लिए काम करें। इससे पहले जनरल वी के सिंह ने कहा कि देश की सेवा ही शहीद हुये वीर सपूतों को सच्ची श्रद्धांजलि होगीद्य उन्होने वीरांगना दुर्गा भाभी के जन्मस्थली पहुँच उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर परिजनों से मुलाक़ात भी किया। स्मृति स्थल का शिलान्यास किया। 

 

उनके साथ उत्तर प्रदेश के सैनिक कल्याण एवं होमगार्ड मंत्री अनिल राजभर व एमएलसी भाजपा,  काशी क्षेत्र के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य भी मौजूद रहेद्य कार्यक्रम मे देश सेवा मे शहीद हुये सैनिको की विधवाओं को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।  रिटायर्ड सैनिको का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित कराते हुये कहा कि देश पर अंग्रेजों ने फूट डालकर राज कियाद्य आज जरूरत है सभी को एक सूत्र मे पिरोनो की। एक सूत्र मे बंधकर देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाया जा सकता हैद्य पत्रकारों से बात करते हुये कहा कि पाकिस्तान व चीन जो कर रहा है उसका वही काम हैद्य देश उनको जवाब देने मे पूरी तरह से सक्षम है। देश की जनता के मनोबल से सेना का मनोबल बढ़ा हुआ हैए पाकिस्तान हो या फिर चीन सभी को सही तरह से जवाब दिया जाएगाद्य कार्यक्रम के संयोजक कौशांबी सांसद विनोद सोनकरए सिराथू विधायक शीतला प्रसाद पटेलए मंझनपुर विधायक लाल बहादुर व चायल विधायक संजय गुप्ता ने कार्यक्रम के अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। 

क्रांतिकारियों के बीच दुर्गा भाभी के नाम से हुईं प्रसिद्द थीं
जी हां प्रसिद्ध क्रांतिकारी भगवती चरण वोहरा की पत्नी दुर्गादेवी का जन्म 7 अक्टूबर 1907 को इलाहाबाद के एक न्यायाधीश के यहाँ हुआ था। जो कि अब कौशांबी जिले में है। दुर्गा का विवाह ग्यारह वर्ष की आयु में नेशनल कालेज लाहौर के विद्यार्थी भगवतीचरण वोहरा से हो गया जो पूरी तरह से क्रान्तिभाव से भरे हुए थेद्य दुर्गा देवी भी आस.पास के क्रांतिकारी वातावरण के कारण उसी में रम गईं थी। नौजवान भारत सभा की सक्रिय सदस्या दुर्गा भाभी उस समय चर्चा में आयींए जब नौजवान सभा ने 16 नवम्बर 1926 को अमर शहीद करतार सिंह सराबा की शहादत का ग्यारहवीं वर्षगाँठ मनाने का निश्चय कियाए जिन्हें मात्र 19 वर्ष की आयु में फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया गया था क्योंकि उन्होंने 1857 की क्रान्ति की तर्ज पर अंग्रेजी सेना के भारतीय सैनिकों में विद्रोह की भावना उत्पन्न करके देश को आज़ाद कराने की योजना बनायी थी। इसके लिए उन्होने कड़ी मेहनत किया था। भगत सिंहए राजगुरूए सुखदेव समेत सभी क्रांतिकारी उन्हें भाभी मानते थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीरांगना दुर्गा भाभी के जन्मस्थली शहजादपुर मे पहुंचकर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह ने एक बार निश्चित तौर पर राष्ट्रभक्ति का संदेश देने का काम किया है

 

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