आदिवासी विकास परिषद निकालेगा सत्ता परिवर्तन संदेश यात्रा

आदिवासी विकास परिषद निकालेगा सत्ता परिवर्तन संदेश यात्रा

Yashwant Kumar Jhariya | Publish: Sep, 09 2018 06:36:10 PM (IST) Kawardha, Chhattisgarh, India

परिषद द्वारा इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देकर सत्ता परिवर्तन करने की बात कही। वहीं प्रदेश सरकार को जमकर कोसा भी।

कवर्धा . छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद द्वारा रविवार को प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसमें उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देकर सत्ता परिवर्तन करने की बात कही। वहीं प्रदेश सरकार को जमकर कोसा भी। प्रेसवार्ता में छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष के आर शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद द्वारा 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन संदेश यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। इस संदेश यात्रा के माध्यम से आदिवासी समाज को बताया जाएगा कि भाजपा शासन के 15 वर्षों में आदिवासियों ने क्या-क्या खोया। वहीं उन्होंने कांग्रेस को समर्थन देने की बात भी कही। उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस का समर्थन जरूर कर रहे हैं लेकिन परिषद की ओर से चुनाव नहीं लड़ा जाएगा और न ही कांग्रेस से वह कोई उम्मीदवार की मांग करेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि 15 साल में छत्तीसगढ़ की जनता ने डॉ. रमन सिंह को पर्याप्त समय दिया लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अधिक ध्यान नहीं दिया। इस दौरान परिषद के बृजलाल कचलाम, मुरीद मंडावी, अर्जुन करेटी, सीमंत सिंह मसराम, मनोहर सिंह धुर्वे, डॉ. संतोष धुर्वे सहित अन्य मौजूद रहे।
कांग्रेस का साथ दो शर्त पर
प्रदेश अध्यक्ष शाह ने कहा कि परिषद द्वारा कांग्रेस को समर्थन देने की शर्त भी रखी गई है। कि कांग्रेस का शासन आने पर प्रदेश में पेसा कानून को लागू किया जाएगा। साथ ही पंचायत की अनुमति के बिना आदिवासियों की जमीन का भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।

भूमि अधिग्रहण बिल रद्द नहीं
प्रेसवार्ता के दौरान शाह ने कहा कि डॉ. रमन सिंह की सरकार ने अपने तीन शासनकाल में न तो विशेष भर्ती अभियान प्रारंभ किया और न ही बैकलॉग पदों को भरने में रूचि दिखाई। भाजपा का आदिवासी विरोधी चेहरा उस समय सार्वजनिक हो गया, जब मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण बिल को विधानसभा में पारित किया था। आदिवासी समाज और कांग्रेस के भारी विरोध के चलते सरकार ने कानून को रोक लिया किंतु रद्द नहीं किया है।
हर जिले में एक रामकृष्ण अस्पताल
सड़क और फ्लाईओवर बनाकर विकास की बात कह रहे हंै तो मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह झूठ बोल रहे हैं। वह जनता से छल कर रहे हैं। 23 अरब रुपए का मोबाइल बांट दिया गया, जबकि इतनी बड़ी राशि से हर जिले में एक रामकृष्ण अस्पताल खड़ा हो जाता। जब भी बस्तर में सेना का कोई जवान माओवादी हमले में घायल होता है तो उसे अंबेडकर अस्पताल न ले जाकर रामकृष्ण अस्पताल में भर्ती किया जाता है क्योंकि वहां की सुविधा बेहतर है। दुर्भाग्य है कि 15 साल के शासन काल में अंबेडकर अस्पताल की स्थिति को नहीं सुधरी जा सकी।

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