Covid-19: लॉकडाउन में संजीवनी साबित हो रही है बाइक एंबुलेंस

बाइक एंबुलेंस (संगी एक्सप्रेस) सेवा लॉकडाउन में गर्भवती महिलाओं के लिए संजीवनी से कम नहीं है।

By: Bhawna Chaudhary

Published: 18 Apr 2020, 04:27 PM IST

कवर्धा. कबीरधाम जिले की बाइक एंबुलेंस (संगी एक्सप्रेस) सेवा लॉकडाउन में गर्भवती महिलाओं के लिए संजीवनी से कम नहीं है। लॉकडाउन के समय में भी बाइक एंबुलेंस की मदद से 37 परिवारों में किलकारियां गूंजी है।

कबीरधाम जिले में 5 बाइक एंबुलेंस के माध्यम से जिले के दुर्गम क्षेत्र के 150 से अधिक गांव के लिए 15 जुलाई 2018 में एंबुलेंस सेवा साथी समाज सेवी संस्था के सहयोग से शुरू की गई थी। हाल ही में लॉकडाउन के दौरान हैं जिले मैं बाइक एंबुलेंस के सहयोग से स्वास्थ्य केंद्रों तक सतीश गर्भवती महिला को लाकर संस्थागत प्रसव कराए गए।

लॉकडाउन में ग्रामीणों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। तेज बुखार सर्दी खासी के मरीज मिलने पर तुरंत मुख्यालय को सूचित टीम के माध्यम से जांच कराई जा रही है और उसके बाद भी उन्हें गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए फ्रिज के साबुन से हाथ धुलवाकर कर सैनिटाइज करवाते हैं और मरीज को मुंह पर कपड़ा बांधने की सलाह दी जाती है।

झाड़-फूंक से अब दूर हो रहे ग्रामीण
जादू किया जड़ी-बूटी के भरोसे रहने वाले लोगों के लिए संजीवनी साबित होने वाली बाइक एंबुलेंस का सबसे ज्यादा लाभ गर्भवती महिला और नवजात शिशुओं को मिल रही है। बाइक एंबुलेंस और करने के बाद तुरंत मरीज के दुर्गम क्षेत्र से लेने निकल जाती है। बाइक एंबुलेंस में मरीज को लेकर आना काफी सुरक्षित रहता है और मरीज के साथ परिचालक होता है। जो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाता है। गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को नियमित टीकाकरण के लिए यह सुविधा उपलब्ध होती है।

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