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कवर्धा में हिंसा के बाद पहली बार खुले स्कूल, कॉलेज और दफ्तर पर जारी रहेगा कर्फ्यू, इधर पूर्व CM डॉ. रमन मिले घायलों से

Kawardha violence: डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जब सरकार के संरक्षण में कोई साजिश होती है तो जनता में इस तरह का आक्रोश पनपता है। पुलिस विभाग आंख मूंदकर कार्रवाई कर रही है।
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कवर्धा

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Dakshi Sahu

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Updated: 11 Oct 2021, 1:47 PM IST

कवर्धा में हिंसा के बाद पहली बार खुले स्कूल, कॉलेज और दफ्तर पर जारी रहेगा कर्फ्यू, इधर पूर्व CM डॉ. रमन मिले घायलों से

कवर्धा में हिंसा के बाद पहली बार खुले स्कूल, कॉलेज और दफ्तर पर जारी रहेगा कर्फ्यू, इधर पूर्व CM डॉ. रमन मिले घायलों से

कवर्धा. कवर्धा शहर हिंसा के बाद अब तनाव की स्थिति खत्म हो चुकी है। जिला प्रशासन केवल ऐहतियातन ही कफ्र्यू जारी रखे हुए हैं। वहीं जिला प्रशासन ने कवर्धा शहर में लगे कफ्र्यू पर बड़ी राहत दी है। सोमवार से दुकान खोलने का समय दोपहर 3 बजे तक निर्धारित कर दिया गया है। वहीं स्कूल, कॉलेज, ऑफिस भी खुलेंगे। इससे बच्चों से लेकर हर व्यक्ति को राहत है। शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक कवर्धा शहर में कफ्र्यू लगा रहेगा। इसके बाद दिनभर लोगों को राहत है। सुबह सब्जी खरीदी-बिक्री, दोपहर तक सभी प्रकार के व्यापार खुलेंगे और शाम को 5 से 7 बजे घूमने फिरने के लिए छूट दिया गया। इस दौरान लोग मंदिर भी जा सकेंगे। चूंकि नवरात्रि पर्व है इसके चलते ही दो घंटे का विशेष छूट दिया गया है।

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बहुसंख्यक लोगों की जा रही डराने की कोशिश
दूसरी ओर कवर्धा हालात का जायजा लेने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कवर्धा पहुंचे। इस दौरान वह 3 व 5 अक्टूबर को हुए घटनाक्रम में घायलों से मिलने उनके घर पहुंचे। वहीं मीडिया से बात करते हुए कहा कि तीन साल से बहुसंख्यक लोगों को डराने की कोशिश की जा रही है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जब सरकार के संरक्षण में कोई साजिश होती है तो जनता में इस तरह का आक्रोश पनपता है। पुलिस विभाग आंख मूंदकर कार्रवाई कर रही है। अधिकारी भी देख लें, सरकार जो कह रही है वो कर रहे हैं। सरकार स्थायी नहीं होती है। तीन साल निकल गया, दो साल बचे हैं। इनका भी हिसाब किताब रखा जाएगा।

ये है कवर्धा का मामला
3 अक्टूबर को वार्ड नंबर 27 के लोहारा नाका चौक इलाके में झंडा लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कुछ युवकों ने अपना झंडा चौराहे पर लगा दिया। इसी बात को लेकर दो गुटों के युवक सड़क पर लाठी-डंडे लेकर उतर आए। एक दूसरे को पीटा। पत्थरबाजी हुई। पुलिस की आंखों के सामने एक युवक को भीड़ पीटती रही। मारपीट में 8 लोग घायल हुए हैं। इनका इलाज कवर्धा के अस्पताल में कराया जा रहा है। इसके बाद सोमवार को शांति समिति की बैठक भी बुलाई गई थी। जिसके बाद 5 अक्टूबर को एक बार फिर हिंसा भड़क गई और दो समुदायों के लोगों के बीच जमकर मारपीट और शहर में उपद्रवियों ने हुड़दंग किया। इस दौरान तोडफ़ोड़ की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा साथ ही प्रशासन ने काननू व्यवस्था बिगड़ता देख कवर्धा शहर में कफ्र्यू लगा दिया।