रिफलिंग के दाम बढ़ने से 200 रुपए में मिला सिलेंडर-चूल्हा भी महंगा लग रहा

वहीं अब 5 किलो ग्राम का सिलेंडर भी पहुंच चुका है, बावजूद हितग्राही लकड़ी व कंडों के बीच वापस लौट रहे हैं।

कवर्धा. सिलेण्डर के दाम बढऩे से ग्रामीण क्षेत्रों में उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों का मोहभंग होने लगा है। वहीं अब 5 किलो ग्राम का सिलेंडर भी पहुंच चुका है, बावजूद हितग्राही लकड़ी व कंडों के बीच वापस लौट रहे हैं।

कबीरधाम के 88 हजार 366 बीपीएल कार्डधारियों को उज्ज्वला योजना के तहत 200 रुपए में सिलेण्डर व चूल्हा वितरित किए गए। आचार संहिता के चलते वितरण में ब्रेक लग गया। लेकिन सिलेण्डर रिफलिंग के दाम बढऩे से जिन्हें सिलेण्डर मिला इसमें भी अधिकतर हितग्राही इससे अब दूर होते जा रहे हैं। मैदानी क्षेत्र के 30 प्रतिशत लोग ही सिलण्डेर की बमुश्किल रिफलिंग करा रहे हैं। वह भी चार से पांच महीने में एक बार। जबकि दूसरी ओर वनांचल में स्थिति काफी नाजुक है। वनांचल में तो 10 प्रतिशत हितग्राही भी रिफलिंग नहीं करा रहे, क्योंकि रिफलिंग के लिए एकबार में 1034 रुपए चाहिए।


5 किलो का सिलेंडर पहुंचा
जिले के गोदामों में 5 किलो वाला सिलेण्डर पहुंच चुका है। हालांकि हितग्राहियों को अब तक इसकी जानकारी नहीं दी गई है। 5 किलो सिलेण्डर रिफलिंग कराने पर हितग्राही को करीब 480 रुपए देना होगा। इसमें सब्सिडी सहित हितग्राही के खाते में 183 रुपए पहुंचता है। लेकिन फिलहाल 5 किलो रिफलिंग कराने वालों की संख्या न के बराबर ही है।

निकाला तरीका
उज्ज्वला योजना के तहत हितग्राहियों को 14.2 किलोग्राम का सिलेण्डर दिया गया, लेकिन लगातार बढ़ते दाम के चलते लोग रिफलिंग नहीं करा पा रहे। इस समस्या को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने उन हितग्राहियों के लिए 5 किलोग्राम का सिलेण्डर निकाला, ताकि ग्रामीण इसकी रिफलिंग करा सके।

किए जाएंगे वितरण
इस वित्तीय वर्ष जिले में कुल 52 हजार लोगों को सिलेण्डर वितरण करना है। अब तक 25 हजार से अधिक वितरण हो चुके हैं। आचार संहिता के चलते वितरण नहीं हो पाया। जबकि अभी 9446 लोगों के आवेदन फार्म और जमा हो चुके हैं। आचार संहिता के बाद और आवेदन लिए जाएंगे व वितरण किया जाएगा।

एक साल पहले 725 रुपए दाम
एक वर्ष पूर्व सिलेण्डर रिफलिंग का दाम 725.50 रुपए था, जबकि वर्तमान में 1034 रुपए हो चुका है। 12 माह के दौरान सिलेण्डर के दाम में 308.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वहीं इसी वर्ष सितंबर में 881 और अक्टूबर में 912 रुपए दाम था, जिसमें 122 का इजाफा हो चुका है। इससे लोगों को काफी हद तक सुविधा मिल रही थी, लेकिन जैसे ही उज्जवला योजना के तहत अधिक गैस सिलेंण्डर बांटे गए वैसी गैस के दाम में तेजी से बड़ गया। इससे उज्जवला वाले सिलेंडर ही नहीं भरवा पा रहे हैं।

उज्ज्वला योजना के तहत आचार संहिता के पहले तक 86 हजार से अधिक सिलेण्डर-चूल्हा वितरित किया गया। मैदानी क्षेत्र में 30 प्रतिशत से अधिक रिफलिंग कराते हैं। वनांचल क्षेत्र में थोड़ी समस्या है। अब 5 किलो वाला सिलेण्डर भी मौजूद है।
डॉ. एचएल बंजारे, नियंत्रक खाद्य विभाग, कबीरधाम

चंदू निर्मलकर
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