युवा इंजीनियर नवनीत लेंगे दीक्षा, बनेंगे शहर के प्रथम जैन संत

नगर के प्रथम जैन संत होने का गौरव दिलाने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले मुमुक्षु नवनीत बोथरा के दीक्षा पूर्वकई भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम जैन स्थानक भवन में किए गए।

By: Deepak Sahu

Updated: 08 Feb 2019, 12:42 PM IST

कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में युवा इंजीनियर नवनीत बोथरा की जैन भगवती दीक्षा आचार्य महेन्द्र सागर के मुखार बिंदु से रविवार 10 फरवरी को प्रात: केवल्यधाम तीर्थ में संपन्न होगा। इसके पूर्व कवर्धा में मुमुक्षु नवनीत के दीक्षा पूर्व सम्मान की श्रृंखला चलती रही।

नगर के प्रथम जैन संत होने का गौरव दिलाने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले मुमुक्षु नवनीत बोथरा के दीक्षा पूर्व सम्मान की श्रृंखला में कई भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम जैन स्थानक भवन प्रांगण में किए गए। शुक्रवार को बरडोर कार्यक्रम किए गए। सुबह शोभायात्रा निकाली गई। हाथी, घोड़ा व पालकी के साथ मुमुक्षु नवनीत नगर भ्रमण पर निकले। साथ ही बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला, पुरुष गीत-संगीत के माध्यम से अभिवादन करते रहे। इसके बाद दिनभर कार्यक्र चलता रहेगा। दोपहर 1 बजे से बरर्षीदान, लापसी लूट होगा। इसके बाद अपरान्ह 3 बजे मुमुक्षु नवनीत का समाज द्वारा सम्मान किया जाएगा। वहीं रात नौ बजे विदाई जाएगी।

 

8 दिनों तक चला कार्यक्रम
28 वर्षीय युवा इंजीनियर मुमुक्षु नवनीत बोथरा की प्रव्रज्या से पूर्व 8 दिवसीय मांगलिक कार्यक्रमों का आगाज 1 फरवरी को जैन मंदिर परिसर में कुमकुम से प्रारम्भ हुआ। गुड्डू से मुमुक्षु तक का सफर कार्यक्रम भी जैन स्थानक भवन कवर्धा में आयोजित हुआ। प्रदर्शनी में नटखट बालक से भौतिक सुख-सुविधा में रत जीवन और बाद में गुरूभवंतों की सान्निध्य से उनके जीवन के टर्निग प्वाइंट को विस्तृत रूप से दर्शाया गया।

48 मिनट में मुक्ति प्राप्त
इस अवसर पर मुमुक्ष (मोक्ष अभिलाशी) ने कहा की यह आवश्यक नहीं कि सभी संयम ग्रहण कर ले। आगार धर्म के तहत सांसारिक जीवन में भी अहम भूमिका का निर्वहन किया जा सकता है। उन्होंने सामायिक की महत्ता प्रतिपादित करते हुए कहा कि 48 मिनट की भाव सामायिक यदि भावपूर्वक कि जाए तो मुक्ति प्राप्त कि जा सकती है।

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