अमेजन में बिक रहा छत्तीसगढ़ के इस जिले का शहद, क्वालिटी ऐसी की सात समंदर पार से आ रही डिमांड

शहद की क्वालिटी बेहतर होने के कारण व लोगों की डिमांड बढऩे पर अब यह प्रोडक्ट अमेजन जैसे जाने माने ऑनलाइन ई-शापिंग साइट पर भी पहुंच गया है।

By: Dakshi Sahu

Updated: 22 Jul 2021, 01:10 PM IST

कवर्धा. जिले के लिए अच्छी बात है कि यहां तैयार होने वाले शहद की डिमांड प्रदेश में ही नहीं बल्की देश के दूसरे हिस्सों में भी है। साथ ही अब ये सात समंदर पार भी जाने लगा है। शहद की क्वालिटी बेहतर होने के कारण व लोगों की डिमांड बढऩे पर अब यह प्रोडक्ट अमेजन ( Amazon) जैसे जाने माने ऑनलाइन ई-शापिंग साइट पर भी पहुंच गया है। कबीरधाम जिले के बोड़ला में वन विभाग ने शहद प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित किया है, जहां शहद एकत्रित कर उसका शुद्धिकरण किया जाता है।

उच्च क्वालिटी का है शहद
प्रदेश के दूसरे जगहों पर भी शहद तैयार किया जाता है, लेकिन उनकी उत्पादन क्षमता कवर्धा में तैयार होने वाले शहद की मात्रा से कम है। यहां शहद को प्रोसेस के बाद बॉटलिंग की जाती है, जिसके बाद इसे वन विभाग के रायपुर स्थित मार्ट में भेज दिया जाता है। वहां से दूसरे राज्यों के संघ को भेजा जाता है। अमेजन सहित दूसरे ऑनलाइन ई-शॉपिंग साइट को भी भेजा जाता है, जो उपभोक्ताओं के डिमांड के आधार पर उन्हें ऑनलाइन सप्लाई करते हैं।

अब अधिक मात्रा में एकत्रित कर रहे शहद
पहले शहद एकत्रित ही कम किया जाता था जिससे उत्पादन भी कम ही था, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्र से ज्यादा से ज्यादा शहद एकत्र कर व जागरूक करने के बाद इसकी मात्रा बढ़ गई है। बेहतर क्वालिटी के चलते इसकी मांग भी बढ़ गई है। जिले के सभी प्रमुख स्थानों पर वन विभाग का शहद उपलब्ध है।

हो रहा वनोपज बेचने का लाभ
वनमंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर ने बताया कि प्रदेश में साल 2019 से वनधन योजना शुरू होने के बाद काफी तेजी से बदलाव आया है। शहद की मांग व आय भी इसी का परिणाम है। प्रदेश में 52 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी समितियों के माध्यम से की जा रही है। वनोपज को बेचने से लाभ हो रहा है। ये अब कार्मशियल श्रेणी में आ गया है, जिसका ज्यादा से ज्यादा लाभ हो रहा है।

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