सावधान! कहीं आप भी तो नहीं अपराधियों को घर में दे रहे पनाह

सावधान! कहीं आप भी तो नहीं अपराधियों को घर में दे रहे पनाह
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Chandu Nirmalkar | Publish: Oct, 03 2016 11:58:00 PM (IST) Kabirdham, Chhattisgarh, India

सावधान! कहीं आप किसी अपराधी को तो अपने घर में पनाह तो नहीं दे रहे। चोरी व उठाईगिरी जैसे अपराधों को किराएदार के रूप से छुपे अपराधी ही अंजाम देते हैं

कवर्धा. सावधान! कहीं आप किसी अपराधी को तो अपने घर में पनाह तो नहीं दे रहे। चोरी व उठाईगिरी जैसे अपराधों को किराएदार के रूप से छुपे अपराधी ही अंजाम देते हैं। इसलिए थाने में एक बार अपने किराएदार का वेरीफिकेशन जरूर कराए। पता करें कहीं वह जिला बदर  या फिर कोई पेशेवर अपराधी तो नहीं है।

शहर में छोटे अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा है। बड़ी वारदात से तो शहर अभी सुरक्षित है, लेकिन चोरी, नकबजनी, उठाईगिरी और लूट के मामले बढ़ रहे हैं। इन वारदातों को सबसे ज्यादा बाहरी व अनजान लोग ही अंजाम दे रहे हैं, जो किसी जान-पहचान के घर किराये पर रहते हैं। किराएदारों से वेरीफिकेशन भी नहीं लिया जा रहा है, जबकि कई व्यक्ति अपराधी प्रवृत्ति के होते हैं। यह घटना को अंजाम देकर आसानी से बच निकलते हैं। इसका मुख्य कारण किरायेदारों को प्रमाणीकरण नहीं होना है। पुलिस के पास किरायेदारों सूची तो है लेकिन अपडेट नहीं, क्योंकि हर वर्ष किराएदार बदलते रहते हैं। इसमें अपराधी प्रवृत्ति के लोग सबसे आगे रहते हैं। इसके बाद भी  कोई पहल नहीं हो रही है। दो वर्ष पहले किराएदारों की सूची तैयारी की गई थी, लेकिन अब ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

चोरी की अधिक घटनाएं


वर्ष 2012 से 2015 के बीच चोरी, नकबजनी और लूटकी 562 वारदातें हुईं। इसमें सबसे ज्यादा 291 चोरी की घटना हुई। 246 नकबजनी और 25 लूट की घटना को अंजाम दिया गया। इस वर्ष भी अपराधों के आंकड़े भी इन्हीं के आसपास ही मंडरा रहे हैं। चोरी और लूट के आपराधिक मामलों में कई आरोपी अब तक फरार हैं।

जागरुकता का आभाव


मकान मालिकों द्वारा किरायेदारों की सूचना समीपस्थ थाने में दें, तो पुलिस आसानी से उनका वेरीफिकेशन कर लेती है। लेकिन यहां पर लोगों में जागरुकता का आभाव है। किरायेदारों के नाम, सर्टिफिकेट, पते के साथ फोटो भी देना होता है। इसके जरिए पुलिस किरायेदार का वास्तविक पता लगाती है। वेरीफिकेशन के लिए उसके पूर्व निवास के थानों से संपर्क किया जाता है। इससे पता चल जाता है कि उक्त व्यक्ति अपराधी तो नहीं है। लेकिन यहां जागरुकता के अभाव में इसकी जानकारी नहीं दी जाती।

अपराध पर एक नजर


अपराध        2012    2013    2014    2015
चोरी            69        66        93        63
नकबजनी       62        65       67        52
लूट             11        04       04        06
अपहरण        14        33       84        60
धोखाधड़ी       23       18       25        41


इस वर्ष किरायेदारों का सर्वे नहीं कराया गया है, जबकि पिछले वर्ष सूची बनाई गई थी। उसके आधार पर ही जल्द से जल्द इस वर्ष भी सर्वे कराया जाएगा।
नीरज चंद्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कबीरधाम

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