कोरोना संकट में गरीबों की दुकानों पर कवर्धा पालिका ने चलाया बुलडोजर, अफसरों की मनमानी के आगे बेबस हुए लोग

नगर पालिका की टीम पुलिस बल के साथ यहां पहुंची और मनमाने रूप से दुकानों को खाली करा दिया। कई दुकानों जेसीबी से तोड़ दिया।

By: Dakshi Sahu

Published: 05 Sep 2020, 03:52 PM IST

कवर्धा. लॉकडाउन के चलते अधिकतर रोजी कमाने वाले लोग बेरोजगार हो गए थे, बमुश्किल ही अपनी स्थिति को सुधार रहे हैं। अब जहां वह स्वरोजगार की ओर आगे बढ़े तो नगर पालिका ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उनकी दुकान तोड़ दी गई। जिससे उनके जीने का सहारा छिन गया है। रानी दुर्गावती चौक भोजली तालाब किनारे व्यापार करने के लिए बनाए जा रहे गुमटी और छोटी दुकानों की है। यहां पर करीब एक दर्जन लोग खुद के पैरों पर खड़े होने के लिए गुमटी खोलकर दुकान संचालित कर रहे हैं। वहीं कई दुकान और खोलने की तैयारी थी, लेकिन शुक्रवार को नगर पालिका की टीम पुलिस बल के साथ यहां पहुंची और मनमाने रूप से दुकानों को खाली करा दिया। कई दुकानों जेसीबी से तोड़ दिया।

निर्माण की अनुमति नहीं
इसमें अधिकतर वह लोग थे जो कोरोना काल के चलते संकट में आए। अब जैसे तैसे खुद को संभालते हुए दुकानें खोली तो नगर पालिका द्वारा बुलडोजर चला दिया। मामले में नगर पालिका के सीएमओ लवकुश सिंघरौल का कहना है कि किसी के पास निर्माण की अनुमति नहीं थी। इसलिए कार्रवाई हुई। पुरानी दुकानें निर्मित हैं उन पर भी कार्रवाई करेंगे।

बमुश्किल रोजी-रोटी कमाने वाले गरीबों को एक दिन पहले नोटिस थमाया और दूसरे दिन दुकानों पर बुलडोजर चला दिया। जबकि बुलडोजर चलाने के बजाए लोगों को प्रेरित किया जाता कि दुकान निर्माण के नगर पालिका से अनुमति लेना जरूरी है। इसके लिए समय भी देना था। लेकिन कार्रवाई करने की नियत से ऐसा कुछ नहीं किया गया। वहीं दुकान तोडऩे के लिए दो से तीन बार नोटिस दिया जाता ताकि दुकानदार अपने दुकान से सामान व दुकान स्वयं खाली करते।

दुकान पर किया 20 हजार रुपए खर्च
नगर पालिका प्रशासन के भेदभाव रवैए के शिकार हुए लोगों का कहना है कि उन्होंने यहां पर कोई बेजाकब्जा नहीं किया था। उन्होंने यहां पर जमीन किराए पर लिया। दुकान खोलने के लिए जमीन मालिक से किरायानामा किया इसके बाद भी उन्हें अवैध निर्माण बताकर वहां से बेदखल किया गया। जबकि लोगों ने 1000 रुपए स्टाम्प और दुकान बनाने 10 हजार से 20 हजार रुपए तक खर्च किए।

नोटिस जमीन मालिक को नहीं
कवर्धा नगर पालिका प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रही है यह स्पष्ट दिखाई देता है कि उन्होंने दुकानों के जमीन मालिक को नोटिस ही नहीं दिया। जिस जमीन को किराया दिया जा रहा है उसके पूर्ण दस्तावेज हैं। यदि अवैध निर्माण किया जा रहा है तो जमीन मालिक को नोटिस दिया जाता, लेकिन पालिका प्रशासन के इतनी हिम्मत नहीं। वह केवल गरीबों पर बुलडोजर चलाना जानती है।

दस्तावेज देखने को तैयार नहीं
जहां पर नगर पालिका का बुलडोजर चला उक्त जमीन पूर्व विधायक योगेश्वर राज सिंह की है जो लोगों से इकरारनामा कर जमीन व्यापार के लिए किराए पर देते हैं। यहां पर तोडऩे के पहले कार्रवाई करने पहुंची टीम को इस बात से अवगत कराया और दस्तावेज दिखाया गया। बावजूद मनमाने रूप से बेखधड़क कार्रवाई करते चले गए।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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