घर से बिना बताए निकल गए दो बालक, लोकेशन ट्रेस करते विशाखापटट्नम पहुंची पुलिस, फिर...

दो बालक परिजनों को बिना बताए घर से भाग गए। एक सप्ताह की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकर सहसपुर लोहारा पुलिस ने एक बालक को आंधप्रदेश तो दूसरे को बिलासपुर से ढूंढ निकाला।

By: Dakshi Sahu

Updated: 21 Oct 2020, 04:36 PM IST

कवर्धा. दो बालक परिजनों को बिना बताए घर से भाग गए। एक सप्ताह की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकर सहसपुर लोहारा पुलिस ने एक बालक को आंधप्रदेश तो दूसरे को बिलासपुर से ढूंढ निकाला। 11 अक्टूबर को सहसपुर लोहारा थाना अंतर्गत दो बालक मयंक सोनी(19) और नाबालिक भतीजा(16) घर से लापता हो गए। रिपोर्ट पर सहसपुर लोहारा थाना प्रभारी अनिल शर्मा द्वारा लगातार बारिकी से प्रत्येक पहलुओं पर जांच शुरू किया।

विशाखापटट्नम में मिला लोकेशन
18 अक्टूबर को लापता नाबालिक बालक द्वारा अपने एक सहपाठी को फ ोन से सम्पर्क किया गया। जांच टीम को इसकी जानकारी लगते ही संबंधित नम्बर का टॉवर लोकेशन चेक करने पर आंध्रप्रदेश के विशाखापटट्नम पाया गया। उक्त जानकारी के आधार पर नाबालिग बालक के माता-पिता के साथ तत्काल थाने की टीम विशाखापटट्नम रवाना की गई। 19 अक्टूबर की सुबह बालक का लोकेशन आंध्रप्रदेश के कोमर्दा में मिला। पुलिस टीम जब कोमर्दा के पास पहुंची तो करीब 20 किमी तक ट्रेफि क जाम था। बच्चे को ढूंढने टीम पैदल चलकर सम्बंधित लोकेशन पर पहुंचे। जहां पर बालक मिला जिसे परिजन को सुपुर्द किया।

आंखे भर आई
दूसरी ओर गुम मयंक सोनी विशाखापटट्नम से वापस आ गया था। परंतु किसी प्रकार की जानकारी उसके बारे में नहीं मिल पा रही थी। इसी बीच 18 अक्टूबर को मयंक के बिलासुपर में होने की जानकारी मिलने पर पतासाजी किया गया। मयंक नोवा फैक्ट्री के पास मिला। उसे भी उसके माता पिता को सौंपा गया। इतने दिनों बाद अपने बच्चों को सकुशल पाकर बच्चों के माता-पिता की आंखे भर आई। परिजनों द्वारा पुलिस टीम को शॉल और श्रीफल भेंट किया। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक डीएस साहू, प्रधान आरक्षक बीरबल साहू, आरक्षक राजेश नेताम, चालक बिनेश पोर्ते और साईबर सेल कबीरधाम का योगदान रहा।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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