छत्तीसगढ़ में पहली बार बाघ के साथ होगी तेंदुआ और हाथियों की गणना, गूगल एप में होगी ऑनलाइन एंट्री

बाघ की गणना के साथ-साथ तेंदुआ और हाथी की गणना भी अखिल भारतीय बाघ गणना 2021-2022 में सम्मिलित की गई है।

By: Dakshi Sahu

Published: 16 Sep 2021, 05:37 PM IST

कवर्धा. अखिल भारतीय बाघ (Tiger) गणना की तैयारी हो चुकी है। वर्ष 2021-2022 के लिए मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने दुर्ग वन वृत्त अंतर्गत कवर्धा वन मंडल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जहां पर अधिकारी-कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की जानकारी प्रदान की गई। वृत्त स्तर पर हुई इस कार्यशाला के बाद मास्टर ट्रेनर्स द्वारा वन मंडल स्तर पर विभिन्न परिक्षेत्र में आगामी 20 सितंबर तक क्षेत्रीय अमला को बाघ गणना से संबंधित जानकारी व प्रशिक्षण दिया जाएगा।

बाघ के साथ तेंदुआ और हाथियों की भी गणना
कार्यशाला में कवर्धा, बालोद, खैरागढ़, राजनंदगांव और दुर्ग वन मंडल के वन मंडल अधिकारी, उप वन मंडल अधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र सहायक, वनरक्षक, डाटा एंट्री ऑपरेटर व मानचित्रकारों ने भाग लिया। कार्यशला में बताया गया कि इस बार बाघ गणना की विशेषता यह रहेगी कि कागजी कार्रवाई करते हुए गूगल एप-एम सट्रिपेस के माध्यम से ऑनलाइन एंट्री करके बाघ की गणना के साथ-साथ तेंदुआ और हाथी की गणना भी अखिल भारतीय बाघ गणना 2021-2022 में सम्मिलित की गई है।

मुख्य वन संरक्षक रही कार्यशाला में उपस्थित
एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वन वृत्त शालिनी रैना और राजेश कुमार पांडे उपस्थिति रहे। वहीं क्षेत्रीय उप संचालक सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व आयुष जैन और अधीक्षक बारनवापारा वन्य प्राणी अभ्यारण द्वारा आनंद कुदारिया द्वारा बाघ गणना संबंधित चर्चा परिचर्चा की गई। साथ ही प्रशिक्षण दिया गया।

Dakshi Sahu
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