लॉकडाउन में छत्तीसगढ़ की गर्भवती महिलाओं के लिए संजीवनी बनी बाइक एंबुलेंस, गूंजी 37 परिवारों में किलकारियां

कबीरधाम जिले की बाइक एंबुलेंस (संगी एक्सप्रेस) सेवा लॉकडाउन में गर्भवती महिलाओं के लिए संजीवनी से कम नहीं है। लॉकडाउन के समय में भी बाइक एंबुलेंस की मदद से 37 परिवारों में किलकारियां गूंजी है। (Corona lockdown in chhattisgarh)

By: Dakshi Sahu

Published: 18 Apr 2020, 05:12 PM IST

कवर्धा. कबीरधाम जिले की बाइक एंबुलेंस (संगी एक्सप्रेस) सेवा लॉकडाउन में गर्भवती महिलाओं के लिए संजीवनी से कम नहीं है। लॉकडाउन के समय में भी बाइक एंबुलेंस (bike ambulance in Kawardha) की मदद से 37 परिवारों में किलकारियां गूंजी है। कबीरधाम जिले में 5 बाइक एंबुलेंस के माध्यम से जिले के दुर्गम क्षेत्र के 150 से अधिक गांवों के लोगों के लिए 15 जुलाई 2018 में बाइक एंबुलेंस सेवा साथी समाज सेवी संस्था के सहयोग से शुरू की गई थी। हाल ही में लॉकडाउन के दौरान ही जिले में बाइक एंबुलेंस के सहयोग से स्वास्थ्य केन्द्रों तक 37 गर्भवती महिलाओं को लाकर संस्थागत प्रसव कराए गए।

लॉकडाउन में ग्रामीणों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। तेज बुखार, सर्दी-खांसी के मरीज मिलने पर तुरंत मुख्यालय को सूचित कर टीम के माध्यम से जांच करवाई जा रही है और उसके बाद ही उन्हें गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए मरीज के साबुन से हाथ धुलवाकर सेनेटाइज करवाते हंै और मरीज को मुंह पर कपड़ा बांधने की सलाह भी दी जा रही हैं।

कुकदूर के अंतर्गत 32 गांव है। इनमें डिलवरी के 7, डिलिवरी ड्राप के 14, नवजात के 6 , एमरजेंसी के 11 केस में सेवाऐं दी गई। इसी तरह छिरपानी के अंतर्गत 29 गांव है जहां डिलवरी के 4, डिलवरी ड्राप के 3, एएनसी जांच 6 गर्भवतियों की हुई वहीं। एमरजेंसी में 8 लोगों को बाइक एंबुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाऐं मिली है। बोक्करखार के अंतर्गत 22 गांव हैं जहां डिलवरी के 6 , डिलिवरी ड्राप के 12, एएनसी जांच के 16 , नवजात उपचार के 15, और एमरजेंसी में 10 को सेवा मिली।

झाड़-फूंक या जड़ी-बूटी के भरोसे रहने वाले लोगों के लिए संजीवनी साबित होने वाली बाइक एंबुलेंस का सबसे ज्यादा लाभ गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को मिल रहा है। बाइक एंबुलेंस कॉल करने के बाद तुरंत मरीज को दुर्गम क्षेत्र से लेने निकल जाती है। बाइक एंबुलेंस से मरीज को लेकर आना काफी सुरक्षित रहता है और मरीज के साथ एक परिजन, मितानिन और चालक होता है जो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाता है। गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को नियमित जांच और टीकाकरण के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध होती है।

22 मार्च से 15 अप्रैल में सेवा
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार पिछले माह 22 मार्च से 15 अप्रैल तक ग्राम दलदली, बोक्करखार, झलमला, कुकदूर और छिरपानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 257 केस आए। इसमें डिलवरी के 37, डिलवरी ड्राप के 52, एएनसी जांच के 6 2, वहीं नवजात के 55 और एमरजेंसी की 53 लोगों को सेवाएं लॉकडाउन में के दौरान दी गई।

Show More
Dakshi Sahu Desk/Reporting
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned