बाल्टी में पानी भर रही थी महिला, नल से अचानक निकला सांप, मचा हड़कंप

नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा सात सालों में भी गंदे पानी की समस्या को नहीं सुधारा जा सका।

कवर्धा . नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा सात सालों में भी गंदे पानी की समस्या को नहीं सुधारा जा सका। इस दौरान छह सीएमओ बदल चुके हैं। वहीं दूसरा अध्यक्ष भी बदलने वाला है, बावजूद शहरवासियों को गंदा पानी ही पीना पड़ रहा है।

कवर्धा नगर अंतर्गत 7800 घरों में नगर पालिका द्वारा सप्लाई पहुंचती है। इन घरों में कभी कभार ही साफ पानी मिल पाता है। कभी मटमैला पानी तो कभी पीला, कभी चिपचिपा पानी मिलता है। वहीं कभी-कभी तो सुकबाम(केचुए) भी निकल आते हैं। बावजूद इसमें सुधार नहीं किया जाता। मंगलवार को भी यही हुआ। वार्ड नम्बर 14 देवांगन पारा निवासी गृहणी सुषमा चन्देल के घर में नगर पालिका से सप्लाई पानी में केचुआ निकला।

इसकी जानकारी उन्होंने परिजनों को दिया। घरवालों ने बारीकी से देखा तो पता चला कि वह केचुआ जैसा दिखने वाला अंधा सांप है। अब तक गंदा पानी के साथ कभी केचुआ निकलता था लेकिन अब तक अन्य कीड़े मकोड़े भी निकलने लगे हें। हद तो यह है कि नगर पालिका से गंदा पानी सात वर्षों से सप्लाई हो रहा है। वहीं इसी नगर पालिका अंतर्गत मुख्यमंत्री, सांसद, संसदीय सचिव, विधायक, आयोग अध्यक्ष सहित कई बढ़े पद पर विराजमान रहे बावजूद इसमें सुधार नहीं किया जा सका है।

वर्षों पुरानी पाइप जगह-जगह से लिकेज
घरों तक नगर पालिका द्वारा सप्लाई होने वाला पानी गंदा रहता है। इसके कई कारण हैं। मुख्य रूप से नगर में बिछाए गए पानी का लिकेज होना है। अधिकतर पाइप लाइन काफी पुराने हो चुके हैं, जिसके कारण यह लिकेज होते रहते हैं। लाखों रुपए का बजट होने के बाद भी पाइप लाइन नहीं बदला जाता। वहीं वॉटर पिल्टर प्लांट में कोई तकनीशियन नहीं है। केवल नगर पािलका प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद है। इनके भरोसे ही 7800 परिवार के लिए पानी सप्लाई होता है।

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Bhawna Chaudhary
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