कम लागत में एेसे शुरू करें खेती, आप कमाएंगे लाखों

कम लागत में एेसे शुरू करें खेती, आप कमाएंगे लाखों

Chandu Nirmalkar | Publish: Feb, 15 2018 03:52:48 PM (IST) Kawardha, Chhattisgarh, India

सब्जी के साथ अब फलों की खेती कर अच्छी उत्पादन कर तरक्की की ओर लगातार अग्रसर हो रहे हैं।

इंदौरी. ग्रामीण इलाकों में जागरुकता के साथ साथ अब खेती करने की दिशा परिवर्तन हो रही है। किसान अब केवल धान, सोयाबीन व अरहर तक सीमित नहीं है। सब्जी के साथ अब फलों की खेती कर अच्छी उत्पादन कर तरक्की की ओर लगातार अग्रसर हो रहे हैं।

यही कारण है कि जिले में साल दर साल लोगों की रुझान सब्जी की व्यापक खेती के साथ फलों की खेती की ओर बढ़ती नजर आ रही है। इसका मुख्य कारण वैज्ञानिक पद्धति से खेती की दिशा बदल रही है। कवर्धा विकासखंड के ग्राम चोरभट्ठी के युवा किसान अमित ने पिछले तीन चार साल से फसल चक्र से अपने करीब चार एकड़ भूमि में केला, कलींदर, करेला सहित अन्य फसल का उत्पादन कर रहे हैं। इससे पहले इसी जमीन पर गाजर व मक्का का खेती वैज्ञानिक पद्धति अपना कर अच्छी आय अर्जित कर चुके हैं। अमित बताते है कि कम समय व लागत से इस तरह की खेती की जा सकती है।

फसल चक्र व ड्रीप प्रणाली का लाभ
इससे पहले उसी जमीन पर भुट्टे व करेले का खेती किया था। हर सीजन में अलग अलग फसल लेने से उसे फसल चक्र का लाभ मिल रहा है। खुद का बोरवेल्स होने के कारण वे ड्रीप इरीगेशन व टपक प्रणाली के जरिए पानी का समुचित उपयोग कर अच्छी उत्पादन प्राप्त किया। नकदी फसल को बढ़ावा देने के विचार से भुट्टे व गाजर का खेती किया, जिसमें अन्य फसल की तुलना में अधिक आय अर्जित किया। अब कलींदर का खेती करने का मन बना लिया था।

कलींदर की फसल बचाव के तरीके
कलींदर के फसल वर्तमान में वाल्यावस्था में है। नन्हें फसल को ओला पानी के बचाव के लिए पॉलीथीन की सुरक्षा चक्र लगा रखा है, जिसमें जरुरत के हिसाब से पानी मिल सके। इसे उद्देश्य से ड्रीप इरीगेशन टपक प्रणाली से पानी का समुचित उपयोग कर रहा है।

उत्पादन अधिक
इस तरह के फसलों में अन्य फसल के अपेक्षा अच्छा पैदावरी के साथ आमदानी मिलता है, जिससे किसान अधिक लाभ अर्जित कर आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकती है। लागत कम आने के कारण उत्पादन व आमदानी देखकर गांव सहित आसपास गांव के लोग भी इसी दिश में खेती करने का मन बना रहे हैं।

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