355 रुपए के दर से गन्ने का भुगतान व व्यावसायिक बैंकों का भी करंे कर्ज माफ

किसानों के विभिन्न समस्याओं व मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ एक बार फिर नए कृषि मंडी में प्रदर्शन किया। इसके बाद सैकड़ों किसान एकजुटता के साथ नारे लागते हुए रैली के रुप में कलेक्ट्र्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांगों को पूरा करने को कहा।

By: Panch Chandravanshi

Published: 31 May 2019, 11:28 AM IST

कवर्धा. भारत एक कृषि प्रधान देश है। इसके बाद भी यहां किसानों को अनेक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। विभिन्न मांगों व समस्याओं के समाधान के लिए प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। बावजूद उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
किसानों के विभिन्न समस्याओं व मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ एक बार फिर नए कृषि मंडी में प्रदर्शन किया। इसके बाद सैकड़ों किसान एकजुटता के साथ नारे लागते हुए रैली के रुप में कलेक्ट्र्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांगों को पूरा करने को कहा। किसानों ने सहकारिता, कृषि ऋण, बीमा, बिजली, सिंचाई, गन्ना, सड़क व राजस्व से संबंधी अनेक समस्याएं गिनाई, जिसे शीघ्र पूरा करने की मांग की। किसानों ने बढ़े हुए खाद के मूल्य को वापस लेने के साथ नियमित किसानों को पूर्व की भांति सहकारी समितियों से खाद-बीज व नगद राशि दिए जाने की मांग रखी। वहीं रबी सीजन के सभी कृषि उत्पादों को समर्थन मूल्य में खरीदी व सोसायटी में धान तौलाई के लिए इलेक्ट्रानिक कांटे को अनिवार्य करने के साथ प्रत्येक सोसायटी में एक किसान राईस मिल की स्थापना किया जाए। साथ ही वर्ष २०१७-१८ में सरकार द्वारा चना में दिए गए प्रोत्साहन राशि १५०० रुपए अधिकतर किसानों को नहीं मिल पाया है, जिसे तत्काल किसानों के खाते में डाला जाए। वहीं पिछले खरीफ सीजन में सोयाबीन के फसल की बीमा क्षतिपूर्ति नहीं मिल पाया है, जिसे दिया जाए। इस अवसर भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष दनेश्वर सिंह परिहार, ओमप्रकाश चंद्रवंशी, सिद्धराम चंद्रवंशी दिनेश चंद्रवंशी सहित आसपास गांव के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
355 रुपए के दर से गन्ना का भुगतान
जिले में स्थित दोनों शक्कर कारखाना द्वारा अब तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान 10 जून तक किया जाए। राशि का भुगतान सरकार द्वारा घोषित ३५५ रुपए प्रति क्विंटल के दर पर हो। साथ ही जिला में स्थित दोनों शक्कर कारखाना की पेराई क्षमता का विस्तार के साथ अगला पेराई सत्र यानि २०१९-२० में १५ अक्टूबर से प्रारंभ किया जाए। प्रत्येक वर्ष १५ अक्टूबर को ही नए पेराई सत्र मानकर ही कारखाने का मेंटनेस कार्य कराए। ताकि किसानों को अपना उत्पादन बेचने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
व्यावसायिक बैंकों का भी कर्ज माफ करे
विधानसभा चुनाव में कर्ज माफ व बिजली हॉफ सरकार के घोषणा पत्र में शामिल है। इसके तहत अल्पकालीन कृषि ऋण माफ तो हो गए, लेकिन किसानों के व्यावसायिक बैंकों का कृषि ऋण अब तक माफ नहीं हो पाया है। इस दिशा में तत्काल कार्रवाई करे। वहीं कालातीत कृषि ऋण को भी माफ करने को कहा गया। ताकि किसान कर्ज मुफ्त होकर मानसून के पहले नए फसल की तैयारी कर सके।
प्लैट रेट सब्सिडी का सभी को मिले
कृषि पंपों के बिजली बिल को सरकार के घोषणा के अनुसार आधा किया जाए। वहीं कृषि पंपों के पुराने बकाया बिल को माफ भी करे। ऐसे किसान जिसके पास एक से अधिक पंप कनेक्शन है उसे भी फ्लैट रेट या सब्सिडी का लाभ सभी पंपों में मिलना चाहिए। जिन किसानों ने नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, उन किसानों को जल्द ही नए कनेक्शन दिया जाए। जहां-जहां ट्रांसफार्मर, केबल, कटआऊट व लाईन में सुधार की आवश्यकता है, उसे बरसात के पहले ही दुरुस्त किया जाए। ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जटिल भुईसा सॉफ्टवेयर ने बढ़ाई समस्या
जटिल नए भुईया सॉफ्टवेयर के कारण किसानों को अपने जमीन का रिकार्ड या नक्शा, खसरा प्राप्त करने में समस्याएं हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए पुराने सॉफ्टवेयर को पुन: प्रयोग में लाया जाए। वहीं जिले में बंदोबस्ती का कार्य १९२७ के बाद से अब तक नहीं हुआ है। इसलिए जिले में बंदोबस्त का कार्य किया जाए। साथ ही बिरकोना से चुचरुंगपुर सड़क निर्माण में जिन किसानों की कृषि भूमि को अधिग्रहित किया गया है उसे तत्काल नियमानुसार मुआवजा राशि वितरण किया जाए।
नहर-नाली का विस्तार
करियाआमा डायवर्सन नहर-नाली का विस्तार नाऊडीह, जरती, दौजरी तक किया जाए। वहीं घोघरा डायवर्सन नहर-नाली का विस्तार रैतापारा, मोहगांव, रूसे तक किए जाए। साथ ही जिन किसानों का भूमि अधिग्रहण किया गया है, उनके मुआवजे की राशि दिया जाए।
जल संरक्षण व संवर्धन भी जरुरी
जिस प्रकार सरकार द्वारा स्वच्छता और शौचालय निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराया गया, उसी प्रकार जिले के भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए जल संरक्षण व संवर्धन के कार्य भी कराए। सुतियापाठ जलाशय के नहर निर्माण के कार्य को शीघ्र प्रारंभ करे। सरोदा छीरपानी जलाशय के पास से बहने वाली नदी, नालों को जलाशय से जोड़ा जाए। छीरपानी जलाशय के नहर-नाली का विस्तार लालापुर, लखनपुर, बानो, दलपुरुवा, खैरझिटी होते हुए पंडरिया तक लाया जाए। ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके।

Panch Chandravanshi
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