सरकारी शक्कर कारखानों में अनियमितता थमने का नाम नहीं ले रही, कवर्धा में मजदूरों ने खोला मोर्चा, मांगा हक

यहां के मजदूर साथी व युवा शैक्षणिक और तकनीकी रूप से सक्षम हो गए हैं। बावजूद बाहर के ठेकेदारों को कारखाना में प्राथमिकता दी जा रही है।

By: Dakshi Sahu

Published: 26 Jul 2021, 05:28 PM IST

कवर्धा. जिले के दोनों शक्कर कारखाना में व्याप्त अनियमितता और समस्याओं को लेकर असंगठित मजदूर कांग्रेस (इंटक) द्वारा पिछले चार दिनों से शक्कर कारखाना के सामने ही आंदोलन किया जा रहा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल शक्कर कारखाना के सामने प्रदर्शन करते हुए कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना 18 व सरदार वल्लभभाई शक्कर कारखाना को संचालित होते 4 वर्ष हो गए हैं। यहां के मजदूर साथी व युवा शैक्षणिक और तकनीकी रूप से सक्षम हो गए हैं। बावजूद बाहर के ठेकेदारों को कारखाना में प्राथमिकता दी जा रही है।

बाहरी ठेकेदारों को किया जाए ब्लैक लिस्टेड
इंटक पदाधिकारियों का आरोप है कि बाहरी ठेकेदार भ्रष्ट मैनेजमेंट से मिलकर गुणवत्ताहीन कार्य कर अनाप-शनाप दर पर कार्य कर कारखाने को बहुत बड़ी वित्तीय हानि पहुंचा रहे हैं। जिससे हर वर्ष कारखाने का घाटा बढ़ता जा रहा है जिसके चलते कारखाने के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। अत: बाहरी ठेकेदारों के कार्य की जांच किया जाए और उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की वसूली किया जाए। उन्हें ब्लैक लिस्ट कर स्थानीय ठेकेदारों को काम दिया जाए। इंटक द्वारा मांग रखा गया कि कारखाना अधिनियम के तहत कार्यरत कर्मचारियों को उनके योग्यता व अनुभव के आधार पर कुशल, अकुशल, अति कुशल, अर्ध कुशल के अनुसार वेतनमान दिया जाए।

कर्मचारियों के डिग्री की जांच हो
पेराई सत्र वर्ष 2020-21 में लंबे कमीशन के चलते आवश्यकता से अधिक शक्कर भराई के लिए बोरी, चूना, केमिकल स्पेयर पाट्र्स आदि की खरीदी की गई है। इसकी जांच की जाए और दोषी अधिकारी पर कार्रवाई की जाए। पिराई सत्र में जबरदस्ती रविवार को मजदूरों को अवकाश देना बंद हो व सत्र के सातों दिन के परिश्रमिक का भुगतान मजदूरों को दिया जाए। सरदार वल्लभभाई कारखाना में तकनीकी कर्मचारियों की सप्लाई के लिए कैस टेक फ ॉर्म से अनुबंध किया गया है लेकिन कैस टेक फॉर्म द्वारा स्थानीय कर्मचारियों को अपना बड़ा कमीशन काट कम पेमेंट किया जाता है। ऐसे फॉर्म को हमेशा के लिए ब्लैक लिस्टेड किया जाए। कारखाने में कार्यरत कर्मचारियों की डिग्री शैक्षणिक योग्यता वह अनुभव प्रमाण पत्र का जांच किया जाए। श्रमिकों को सीधे ठेकेदार से अनुबंध हटाकर कारखाना श्रमिक बनाया जाए और उन्हें कारखाने से सीधा वेतन दिया जाए जिससे उनका शोषण ना हो। केन यार्ड में किसानों की पेयजल समस्या व शौचालय व्यवस्था के लिए पेयजल व शौचालय की व्यवस्था की जाए।

Dakshi Sahu
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