छत्तीसगढ़ के इस जिले में ई पास की अनिवार्यता खत्म, अब आवागमन के लिए दिखाना पड़ेगा कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट

कबीरधाम जिले में कोविड लॉकडाउन (Coronavirus lockdown in Kawardha) के बीच कलेक्टर ने आवागमन के लिए ई-पास की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है।

By: Dakshi Sahu

Published: 20 May 2021, 07:30 PM IST

कवर्धा. कबीरधाम जिले में कोविड लॉकडाउन (Lockdown in Kawardha) के बीच कलेक्टर ने आवागमन के लिए ई-पास (Covid E pass) की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। अब लोगों को जिले में एक जगह से दूसरे जगह जाने के लिए सिर्फ कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखाना पड़ेगा। लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन ने दुकान खोलने की अनुमति तो दे दी, लेकिन ई-पास की अनिवार्यता परेशानी का सबब बना हुआ था। ई-पास की अनिवार्यता का जमकर विरोध हुआ। यह बात मंत्री तक पहुंची, जिनके हस्तक्षेप के बाद इसे खत्म किया गया। लेकिन आवागमन के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जरूरी है। चौथी बार बढ़ाए गए लॉकडाउन की अवधि मेंं प्रशासन द्वारा एकल दुकान खोलने की अनुमति दी गई। लेकिन इस पर नगर पालिका प्रशासन ने व्यापारियों और ग्राहकों को शहर में घर से बाहर निकलने के लिए ई-पास और कोरोना निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दिया गया। इसके कारण दुकान खोलने के बाद भी दुकानदारी नहीं हो पा रही थी।

दुकानदारों को केवल घर से दुकान और दुकान से घर जाने के लिए ई-पास बनवाना पड़ता। दूसरी ओर ग्राहकों को दुकान, खरीदारी करने जाने के लिए ई-पास बनवाना पड़ता, लेकिन यह बेहद पेचिदा कार्य था। हर किसी के लिए ई-बनवाना संभव नहीं था, जिसके कारण आम जनता को परेशानी होने लगी थी। इसके चलते इसका विरोध शुरु हुआ। व्यापारियों की बात मंत्री मोहम्मद अकबर तक पहुंची। इसके बाद बुधवार को जिला प्रशासन की ओर ई-पास की अनिवार्यता को विलोपित किया।

आवागमन के लिए अब दो आधार मौजूद
कलेक्टर ने बताया कि जिले की सीमा के भीतर अत्यावश्यक प्रयोजन से भ्रमण, घरों से बाहर निकलने के लिए ईजीवोकेडब्लूडीडॉट कॉम में अनिवार्य रूप से अनुमति लिए जाने का लेख था। जिसे विलोपित करते हुए उक्त के स्थान पर 7 दिवस के भीतर कोरोना जांच निगेटिव प्रमाण पत्र अथवा कोरोना टीकाकरण कराए जाने की स्थिति में 15 दिवस के भीतर का कोरोना जांच निगेटिव प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।

शो-रूम संचालन की दी अनुमति
जिले में सार्वजनिक आवागमन व अन्य गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध अधिरोपित किए गए हंै। उपर्युक्तानुसार आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए शर्तों के अधीन स्टैण्ड लोन शोरूम के संचालन की अनुमति प्रदान की है। जारी आदेश के अनुसार शो रूम का संचलान रविवार को छोड़कर अन्य दिवस में अपरान्ह 5 बजे तक ही किया जा सकेगा। वहीं कोविड-१९ के अन्य नियमों का भी पालन करना होगा।

लोग प्रशासन को धोखा दे सकते हैं कोरोना को नहीं
कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि लाजमी है कि बहुत से लोग व्यवस्था से नजरें चुराकर बचकर नियमों को तोडऩे की कोशिश करें और यह भी सम्भव है कि ऐसे कुछ लोग प्रशासन की पकड़ से बच जाएं। प्रशासन की मुस्तैदी जनहित के लिए है। जनता की जान जोखिम में न पड़े इसलिए व्यवस्थाएं बनाई जा रही है। लोग प्रशासन को तो धोखा दे सकते हैं लेकिन कोरोना को नहीं। इसकी चपेट में आना नियम तोडऩे वालों के लिए बड़ी सजा होगी। इसका एक दुखद पहलू यह भी होगा कि एक व्यकित के कारण पूरे परिवार व समाज में कोरोना फैल सकता है। कलेक्टर ने कहा कि किसी की जान जोखिम में न डालते हुए कोरोना गाइड लाइन का पालन करें और अपने दायरे के सभी लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

Dakshi Sahu
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