मरीजों की ऑक्सीजन पर अब नहीं खर्च होंगे 10 लाख रुपए

-आय नॉक्स ने किया अस्पताल में 10 केएल का ऑक्सीजन टैंक स्थापित

-सप्लायर से ले रहे हर माह 10 लाख रुपए की ऑक्सीजन, अब सीधे कंपनी से आएगा 6 लाख रुपए में टैंकर
-रोजाना 120 ऑक्सीजन की खपत, नए टैंक से एक बार में 18 सौ सिलेंडर भरे जा सकेंगे

खंडवा.
मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट में बुधवार को आयनॉक्स कंपनी द्वारा 10 हजार लीटर का सिलेंडर टैंक स्थापित किया गया। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज को सरकार की ओर से ये लिक्विड ऑक्सीजन टैंक दिए गए है। लिक्विड ऑक्सीजन टैंक लगने से शासन को हर माह ऑक्सीजन पर होने वाले खर्च में 4 लाख रुपए की बचत होगी। अभी मेडिकल कॉलेज सप्लायर के माध्यम से लिक्विड ऑक्सीजन खरीद रहा था। जिस पर हर माह करीब 10 लाख रुपए खर्च हो रहे थे। अब सीधे आय नॉक्स कंपनी ऑक्सीजन सप्लाय करेगी, जिस पर करीब 6 लाख रुपए का खर्च होगा।
बुधवार को जिला अस्पताल बी-ब्लॉक के पीछे बने लिक्विड ऑक्सीजन गैस प्लांट में आय नॉक्स कंपनी का 10 केएल का टैंक के्रन की सहायता से लगाया गया है। मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. अनंत पंवार ने बताया कि अभी तक बाहर के सप्लायर से लिक्विड ऑक्सीजन सिलेंडर लिए जा रहे थे। कोविड-19 में भर्ती गंभीर मरीजों को रोजाना ऑक्सीजन लग रही है। जिसके चलते प्रतिदिन 120 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत हो रही है। एक सिलेंडर में सात क्यूबिक मीटर लिक्विड ऑक्सीजन होती है। जिसमें से 5 से 6 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन ही यूज हो पाती थी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में खुद का ऑक्सीजन टैंक लगने से गैस सिलेंडर भरवाने की दिक्कत से छुटकारा मिल जाएगा। ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने से एक बार रिफिल के बाद 15 सौ से 18 सिलेंडर करीब 15 दिन तक भरे जा सकेंगे। कंपनी का इंजीनियर 10 दिन के अंदर आकर इंस्टालेशन कर कनेक्शन जोड़ देगा।
ऑक्सीजन सेपरेशन यूनिट भी प्रस्तावित
मेडिकल कॉलेज डीन ने बताया कि अभी शासन की ओर से लिक्विड गैस टैंक दिए गए है। ये टैंक आय नाक्स कंपनी द्वारा लगाया है। हमें इस पर सिर्फ इंस्टालेशन व लगाने का खर्च करीब 4.50 लाख रुपए आया है। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन एअर सेपरेशन यूनिट भी प्रस्तावित है, जिसका काम चल रहा है। ये यूनिट स्थापित होने से ऑक्सीजन का उत्पादन हम यहीं पर ही कर सकेंगे। जिससे हमें बाहर से लिक्विड ऑक्सीजन नहीं बुलाना पड़ेगी। बुधवार को टैंक स्थापित करने के दौरान मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. पंवार के साथ डॉ. सुनील बाजोलिया, डॉ. प्रियेश मस्कोले, डॉ. सौमित्र सेठिया उपस्थित थे।

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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